Deepak Vasant Sathe 22 साल के सेवाकाल में IAF के MIG-21 के टॉप फाइटर बन गए थे। 1999 में India-Pakistan के बीच हुए kargil War में भी बतौर fighter pilot हिस्सा लिया था। आईएएफ के एक पुराने पायलट कहते हैं कि वो Young Pilots के Mentor थे।
नई दिल्ली। केरल ( Kerala ) के कोझिकोड में एयर इंडिया विमान हादसे ( Kozhikode Plane Crash ) में विमान के कप्तान विंग कमांडर दीपक वसंत साठे ( Wing Commander Deepak Vasant Sathe ) की भी मौत हो गई। साठे की मौत भारतीय वायुसेना ( IAF ) के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। वह भारतीय वायु सेना के मिग-21 ( MIG-21 ) के टॉप फाइटर ( Top fighter ) थे। वह युवा पायलटों के मेंटर ( Mentor of Young Pilots ) भी थे।
वसंत साठे ने वायुसेना में 22 साल के करियर के दौरान सोवियत मूल के मिग-21 लड़ाकू विमानों को उड़ाना सीख लिया था। वह आईएएफ के प्रतिष्ठित टॉप फाइटर पायलट बन गए थे।
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित हैं वसंत साठे
59 साल के दीपक साठे जिनकी विमान दुर्घटना में मौत हो गई उन्हें जून, 1981 में हैदराबाद के पास डुंडीगल में वायु सेना अकादमी से ग्रेजुएट होने पर 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' ( Sword of Honour ) सम्मान मिला था। वे भारतीय वायु सेना के फाइटर, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र और निपुण पायलेट थे।
सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर मनमोहन बहादुर उनके निधन पर दुख जताया है। उन्होंने बताया कि दीपक वसंत साठे मेरे साथ एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग इस्टैब्लिशमेंट ( IAF ) की फ्लाइट टेस्टिंग इस्टैब्लिशमेंट ) में काम करते थे। कमिश्नर मनमोहन बहादुर ने ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति के लिए प्रार्थना की है।
युवा पायल्टों के मेंटर
टॉप फाइटर पायलट दीपक वसंत साठे ( Deepak Vasant Sathe ) को जानने वाले आईएएफ के एक पुराने पायलट कहते हैं कि वो युवा पायलटों के मेंटर थे। साठे जून 1981 में वायुसेना में आए और 2003 में चले गए। उन्होंने कहा कि वह एक बेहद कुशल पायलट थे जिन्हें हवा में उड़ना पसंद था। वह कई युवा पायलटों के मेंटर थे।
बोइंग-737 को उड़ाने में माहिर थे
IAF में वह कई पुरस्कार पाने वाले अधिकारी थे जिन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ( NDA ) में 58वीं रैंक पाई थी। जबकि 127 पायलट कोर्स में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर का स्थान हासिल किया। वह भारतीय वायु सेना में एक टेस्ट पायलट थे और बोईंग 737 ( Boing-737 ) कमर्शियल फ्लाइट के संचालन में माहिर थे।
कारगिल युद्ध में लिया था हिस्सा
कैप्टन दीपक साठे वायुसेना के पूर्व मिग 21 पायलट थे जो अंबाला स्थित 17 स्क्वैड्रन ( गोल्डन एरोज ) में तैनात रह चुके थे। इसी 17 स्क्वैड्रन ने वर्ष 1999 करगिल युद्ध ( Kargil War ) में हिस्सा लिया था और अब इसी स्क्वैड्रन को रफाल फाइटर जेट ( Rafale squadron ) उड़ाने के लिए फिर से शुरू किया गया है। इसके अलावा कैप्टन साठे वायु सेना प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षक भी रह चुके थे।
बता दें कि शुक्रवार को Air India एक्सप्रेस का विमान कोझिकोड हवाई पट्टी 10 पर क्रैश हो गया। प्लेन दो हिस्सों में टूट गया। इस दुर्घटना में 17 लोगों की मौत होने की सूचना है। यह विमान 191 लोगों को दुबई से लेकर कोझिकोड के लिए निकला था। कोझिकोड में खराब मौसम में लैंडिंग के दौरान टेबलटॉप रनवे नंबर 10 पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।