विविध भारत

मूड ऑफ द नेशन: बढ़ती बेरोजगारी से देशवासी नाराज 

लोकनीति-सीएसडीएस की ओर से कराए गए सर्वे में पता चला है कि नौकरी को लेकर लोगों में नकारात्मक धारणा बन रही है।

3 min read
Jun 30, 2017
unemployment in UP
नई दिल्ली। मोदी सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती देश में बढ़ती बेरोजगारी हो गई है। लोकनीति-सीएसडीएस की ओर से कराए गए सर्वे में पता चला है कि नौकरी को लेकर लोगों में नकारात्मक धारणा बन रही है। 19 राज्यों के 11 हजार लोगों के बीच ‘मूड ऑफ द नेशन’ नाम का यह सर्वे हुआ है।

यूपीए सरकार से हालात खराब
रोजगार सृजन के बारे में धारणा यूपीए सरकार के कार्यकाल की तुलना में खराब हुई है। 2013 में कराए गए एक सर्वे में 29 फीसदी लोगों ने इस बात को स्वीकार किया कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई। वहीं 2014 से 2017 के आंकड़े देखें तो इस सवाल का जवाब 6 फीसदी कम होकर अब 23 फीसदी रह गया है।
unemployment india के लिए चित्र परिणाम
एक वजह शिक्षा व्यवस्था भी
पढ़े-लिखे के साथ अनपढ़ युवाओं ने भी बेरोजगारी को मोदी सरकार की कमजोरी माना। उनके मुताबिक भारतीय शिक्षा व्यवस्था की खामियों की वजह से भी ग्रेजुएट व्यक्ति आज देश में बिना काम घूम रहा है।

ये हैं हालात
- 33 फीसदी शिक्षित युवाओं ने बेरोजगारी को सबसे महत्वपूर्ण समस्या बताया।
- 23 फीसदी गैर शिक्षित युवा बेरोजगारी को लेकर चिंतित दिखे।
- 1 तिहाई लोगों ने बेरोजगारी को आज के समय की सबसे बड़ी समस्या बताया है।
unemployment india के लिए चित्र परिणाम
दूसरे सर्वे में भी बेरोजगारी बड़ा मुद्दा
सरकार के आगे रोजगार के मौके पैदा करने की चुनौती सबसे ज्यादा रही है। मई में हुए लोकल सर्कल्स के सर्वे के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल बेरोजगारी को लेकर असंतोष बढ़ा है। पिछले साल 43 फीसदी लोगों ने माना था कि बेरोजगारी दर नहीं घटी है, जबकि इस साल 63 फीसदी ने इस बात को स्वीकार किया है।

छोटे शहरों में रोजगार की चिंता ज्यादा
नौकरी को लेकर ज्यादा बेचैनी देश के छोटे शहरों और कस्बों में है। यहां रहने वाले दस में से तीन युवा इस समय बेरोजगार हैं। गांव और बड़े शहरों में बेरोजगारी का अनुपात छोटे शहरों की अपेक्षा कम है।
unemployment india के लिए चित्र परिणाम
ऐसी स्थिति के बावजूद मोदी पर युवाओं का भरोसा कायम
मोदी सरकार के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। अक्सर गांव से लोग अच्छे मौकों की तलाश में शहर की ओर आते हैं। कई बार उन्हें रोजगार मिल तो जाते हैं। लेकिन पैसे कम मिलते हैंं। साथ ही कम कुशल लोगों के लिए भी देश में रोजगार के अवसर बहुत कम हैं। उन्हें न तो अच्छी तनख्वाह मिल रही है न ही अच्छे हालात। इन सब पर काबू पाकर ही बेरोजगारी कम की जा सकती है। सरकार के लिए अच्छी बात है कि अब भी लोग मोदी के बारे में बुरी राय नहीं रखते। अगर सरकार अपनी खामियां जल्द नहीं सुधारेगी तो विश्वास टूटने में देर नहीं होगी।

कहां-कितनी बेरोजगारी
उत्तर प्रदेश 7.4
राजस्थान7.1
बिहार6.0
पंजाब6.0
वेस्ट बंगाल 4.9
मध्यप्रदेश4.3
तमिलनाडु 4.2
आंध्रप्रदेश3.9
दिल्ली 3.8
हरियाणा4.7
महाराष्ट्र2.1
छत्तीसगढ़1.9
गुजरात0.9

Published on:
30 Jun 2017 08:37 am
Also Read
View All
Gang rape case: विधायक बोले- नाबालिग लड़कियों के साथ गैंगरेप की घटना सभ्य समाज के लिए कलंक, लेकिन कांग्रेसी सेंक रहे राजनीतिक रोटियां

Pickup accident: 30 बारातियों से भरी पिकअप पलटी, महिला समेत 2 की मौत, दर्जनभर घायलों में 4 की हालत गंभीर

Drowned in river: नदी में नहाने गए युवा चाचा-भतीजे की डूबकर मौत, दोस्त की बची जान, 10 दिन पहले डूब गए थे मामा-भांजी

Protest to put body on road: Video: महिला गार्ड का शव सडक़ पर रखकर परिजनों ने प्रदर्शन, संकल्प अस्पताल प्रबंधन से मुआवजे की मांग

Big incident in hospital: संकल्प हॉस्पिटल पर दर्ज होगा गैर इरादतन हत्या का मामला! जनरेटर में दुपट्टा फंसने से महिला गार्ड की हुई है मौत