विवेकानंद की जयंती पर 12 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
नई दिल्ली। देश के महान विचारक रहे स्वामी विवेकानंद की आज 150वीं जयंती है। अमरीका के शिकागो में हुई धर्म सभा में अपने धाराप्रवाह भाषण की वजह से अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आए भारतीय संन्यासी स्वामी विवेकानंद की जयंती पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके विचार, उपदेशों और युवाओं को प्रेरित करने वाले संदेशों को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य पूरा न हो जाए। आदरणीय स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इन शक्तिशाली शब्दों और समृद्ध विचारों को याद करते हुए। उन्होंने सेवा और त्याग के आदर्शों पर जोर दिया। युवा शक्ति में उनकी आस्था अटूट थी'।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श स्वामी विवेकानंद के शांति और भाईचारे के संदेश को याद करने के लिए सभी से आग्रह करते हुए महान विचारक की 156वीं जयंती मनाई। ममता ने ट्वीट कर कहा,"आज महान उपदेशक और दार्शनिक की जयंती है..स्वामी विवेकानंद। हमें हमेशा शांति और भाईचारे के संदेश को याद रखना चाहिए, जिसके लिए स्वामीजी खड़े हुए।" उन्होंने कहा, "उनकी याद में आज हम राज्यभर में विवेक उत्सव मना रहे हैं।" देशभर में इस दिन के महत्व का जिक्र करते हुए ममता ने लिखा, "स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। देश के युवाओं को नफरत और अनिश्चितता के माहौल को दूर करने और इस महान राष्ट्र के गौरव को और बढ़ाने के लिए साथ आना चाहिए।"
पद्म भूषण से सम्मानित अमरीकी वैदिक टीचर डेविड फ्रॉली ने विवेकानंद के बारे में लिखा है कि आइंस्टीन ने विज्ञान के लिए जो किया वह स्वामी विवेकानंद ने विश्व आध्यात्मिकता के लिए किया, योग, वेदांत का प्रसार, सार्वभौमिक चेतना और ग्रहों के युग के लिए आत्मानुभूती। उनकी शिक्षाएं प्रासंगिक, गतिशील और अन्य शताब्दी के लिए परिवर्तनशील हैं।
विवेकानंद का वास्तविक नाम नरेंद्रनाथ दत्त है। उनका जन्म कलकत्ता (कोलकाता) में 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनका निधन चार जुलाई 1902 को हुआ था। 12 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।