
नई दिल्ली। आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की ओर कोरोना टेक्टिंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन ऐसे समय पर जारी हुई है जब कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अपने पीक चल रहा है। आईसीएमआर ने अपनी नई गाइडलाइन में कहा है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति की दोबारा आरटी-पीसीआर टेस्ट नहीं होना चाहिए जिसकी रैपिड एंटीजन या आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई हो। आइए आपको भी बताते है कि आखिर गाइडलाइन में और क्या कहा गया है।
इन लोगों के लिए जरुरी नहीं दोबारा जांच
आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के अनुसार लैब्स पर से बोझ को कम करने के लिए इंटरस्टेट ट्रैवल करने वाले फिट लोगों के लिए आरटीपीसीआर टेस्टिंग की अनिवार्यता को खत्म किया जा सकता है। जरूरी कारण से टैवल करने वाले सभी एसिम्टोमैटिक लोगों को कोविड अनुरूप का जरूर पालन करना चाहिए। वहीं कि कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के समय जांच करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा जेम पोर्टल पर अब कोरोना की जांच के लिए मोबाइल प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं और राज्यों की सरकारों से कहा है कि इनके उपयोग को प्रोत्साहित करें।
कई राज्यों में लगे हुए हैं कठोर प्रतिबंध
- राष्ट्रीय राजधानी में 19 अप्रैल से लॉकडाउन लगा हुआ है और यह दस मई तक जारी रहेगा।
- बिहार में चार मई से 15 मई तक लॉकडाउन लगाया गया।
- उत्तर प्रदेश में सप्ताहांत लॉकडाउन दो और दिनों के लिए बढ़ाकर बृहस्पतिवार तक किया गया है।
- हरियाणा में तीन मई से सात दिनों के लिए लॉकडाउन है। इससे पहले नौ जिलों में सप्ताहांत कफ्र्यू लगाया गया था।
- ओडिशा में पांच मई से 19 मई तक 14 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है।
- राजस्थान में 17 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू हैं।
- कर्नाटक में 27 अप्रैल की रात से 12 मई तक लॉकडाउन लगा है।