विविध भारत

सातवीं बरसी पर भी इंसाफ के इंतजार में निर्भया, मां आशा देवी बोलीं- मुझे भगवान पर है भरोसा

- निर्भया गैंगरेप के चारों दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं - चारों को जल्द फांसी दिए जाने की अटकलें काफी दिनों से चल रही हैं

3 min read

नई दिल्ली। निर्भया कांड की आज सातवीं बरसी है। सात साल से निर्भया को इंसाफ का इंतजार है, लेकिन इस देश का सिस्टम निर्भया को इंसाफ देने में अभी तक नाकाम रहा है। निर्भया के दोषियों को इस देश की अदालत फांसी की सजा दे चुकी है, लेकिन इंतजार बस उन चार दरिंदों के फांसी पर लटकने का है। हालांकि पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों को देखा जाए तो वो दिन अब दूर नजर नहीं आ रहा है, जब निर्भया के चारों दोषी फांसी के फंदे पर लटका दिए जाएंगे।

निर्भया की मां जारी रखेंगी अपनी लड़ाई

16 दिसंबर 2012... यह तारीख आज भी लोगों के जेहन को कुरेद जाती है, क्योंकि, इसी दिन वसंत विहार इलाके में निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी। बेटी को न्याय दिलाने के लिए निर्भया का परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा देश दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग कर रहा है। निर्भया की सातवीं बरसी उसकी मां आशा देवी का कहना है कि वह अन्य बेटियों के लिए भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

'दिल्ली ने मेरी बेटी को छीना, फिर भी मुझे दिल्ली से लगाव'

अपने बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बाद भी आशा देवी राजधानी दिल्ली से नफरत नहीं करती हैं, उनका कहना है कि ‘मुझे भगवान पर भरोसा है, लेकिन मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी के दोषियों को निर्धारित समय में फांसी दी जाए, ताकि उसे जल्द से जल्द न्याय मिल सके। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली ने मेरी बेटी को हमेशा के लिए छीन लिया था। उसे न्याय दिलाने के लिए मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगी। बेटियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं की समस्या सिर्फ दिल्ली में नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी है। इसलिए मुझे दिल्ली से नफरत नहीं है। मेरी बेटी को न्याय मिलने में बहुत ज्यादा देरी हुई है, लेकिन मैंने इन सात सालों में कभी हिम्मत नहीं हारी। मैं अब देश की अन्य बेटियों के लिए भी लड़ाई जारी लडूंगी। मुझे उम्मीद है कि दोषियों को जल्द फांसी दी जाएगी।'

क्या हुआ 16 दिसंबर को?

- आपको बता दें कि आशा देवी पिछले सात सालों से लगातार अपने बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। वो हर सुनवाई पर कोर्ट जाती हैं और यहां तक कि समय-समय पर उन्होंने अपनी बेटी को इंसाफ के लिए धरना-प्रदर्शन भी किए हैं। बता दें कि 7 साल पहले 16 दिसंबर के दिन दिल्ली के वसंत विहार इलाके में निर्भया के साथ चलती हुई बस में गैंगरेप किया गया था। इतना ही नहीं निर्भया के साथ उसके दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी। इसके बाद बस में दोनों को सड़क पर फेंक दिया गया था।

- इस मामले में कुल 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस वारदात का मुख्य आरोपी राम सिंह था, जिसने जेल में आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा दूसरा दोषी नाबालिग था, जो अपनी सजा काटने के बाद जेल से बाहर है। वहीं बचे चार दोषी तिहाड़ जेल में हैं, जिन्हें फांसी दी जानी है। दोषियों को फांसी सबसे पहले सेशन कोर्ट ने फिर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखा था।

Updated on:
16 Dec 2019 11:17 am
Published on:
16 Dec 2019 11:15 am
Also Read
View All
Bulldozer action: विधवा बहन के घर पर चला बूलडोजर, नाराज भाजपा मंडल महामंत्री ने दिया इस्तीफा, कहा- किसी ने सपोर्ट नहीं किया

Medical college Ambikapur: मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 6-बेडेड हाई डिपेंडेंसी यूनिट शुरू, गंभीर मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा, ये हैं विशेषताएं

CM unveiled statues: मुख्यमंत्री ने स्व. पंडित रविशंकर त्रिपाठी और शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओं का किया अनावरण, कही ये बातें

CM in Kisan Sammelan: लुंड्रा में किसान सम्मेलन में शामिल हुए CM विष्णु देव, कहा- भाजपा सरकार ने की किसानों की चिंता, कांग्रेस पर कसा तंज

Expensive books in private schools: शहर के अधिकांश प्राइवेट स्कूल चला रहे महंगी किताबें, DEO की बैठक में हुई पुष्टि, दिए ये 5 निर्देश