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ओखी तूफान का तांडव: 19 की मौत, 48 घंटे में मुंबई और सौराष्ट्र में देगी दस्तक

मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 4 दिसंबर को यह दक्षिण गुजरात पहुंचेगा। खतरे की आशंका को देखते हुए कई राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है।
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कन्याकुमारी: केरल से 150 किमी की रफ्तार से बढ़ रहे ओखी तूफान के अगले 48 घंटे में मुंबई और सौराष्ट्र पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि यह तूफान जल्द ही कुछ कमजोर होगा। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 4 दिसंबर को यह दक्षिण गुजरात पहुंचेगा। खतरे की आशंका को देखते हुए कई राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है। तूफान सौराष्ट्र, कच्छ, दमन-दीव होते हुए दक्षिण गुजरात के तटीय इलाके में हल्की बारिश के साथ प्रवेश करेगा। 5 दिसंबर से तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, जिसका सीधा असर समुद्र के तट पर बसे इलाकों में होगा। इस दौरान चक्रवाती हवाओं की रफ्तार करीब 55 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।

केंद्र ने राष्ट्रीय आपदा मानने से किया इनकार

केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि ओखी तूफान को राष्ट्रीय आपदा नहीं घोषित किया जा सकता है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि मदद पहुंचान के लिए हम हर कदम उठाएंगे। केरल में सीएम पिनाराई विजयन ने एक हाईलेवल मीटिंग की। इसमें केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथानम भी मौजूद थे। मीटिंग के बाद अल्फोंस ने कहा कि स्टेट गवर्नमेंट ने हमसे ओखी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की है, लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर सकती है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को चक्रवाती तूफान ओखी में फंसे मछुआरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया।। तूफान की वजह से मरने वालों की संख्या 19 हो गई है।

बारिश थमने से राहत

इससे पहले शनिवार को तमिलनाडु और केरल में बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली है। दोनों राज्यों के ज्यादातर इलाकों में फिलहाल बारिश बंद है। वहीं मौसम विभाग ने भी दोनों राज्यों के कुछ इलाकों में अब बारिश के हल्के होने के आसार जताए हैं लेकिन कन्याकुमारी में फिलहाल बाढ़ का कहर है। यहां सेना का राहत व बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. के. पलनीस्वामी से बात कर ताजास्थिति की जानकारी ली।

Published on:
03 Dec 2017 09:48 pm