फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है और अब 32 वर्षीय सिलंबरासन की तलाश में पुलिस जुटी है।
चेन्नई। तमिलनाडु की कुंंभकोणम पुलिस ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है और अब 32 वर्षीय सिलंबरासन की तलाश में जुटी है। दरअसल गिरफ्तार शख्स पर आरोप है कि उसने भारत को विभाजनकारी एजेंडे के तहत फेसबुक पोस्ट को शेयर किया है।
तमिलनाडु को बताया गया है श्रीलंका का हिस्सा
आपको बता दें कि इस फेसबुक पोस्ट में एक चित्र है जिसमें भारत का नक्शा दिखाया गया है। सबसे हैरानी करने वाली बात यह है कि इस चित्र में तमिलनाडु राज्य और उत्तरी एवं पश्चिमी श्रीलंका को काली छवि में दिखाया गया है। ये तमिलनाडु की एक भुजा को भी भारत के चंगुल में फंसी हुई दिखाता है। जबकि अन्य भाग उत्तरी और पश्चिमी श्रीलंका से जुड़ा हुआ है। बता दें कि यह श्रीलंका में आतंकी संगठन तमिल ईलम लिट्टे का प्रतिक चिन्ह है और यह संगठन एक अलग देश बनाने की मांग करता रहा है। आपको बता दें कि शख्स द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर में यह लिखा है कि 'हम हिन्दी, हिन्दू और भारत का बहिष्कार करते हैं। हमें तमिल, तमिलर और तमिलनाडु चाहिए।’ ऐसा बताया जा रहा है कि शख्स द्वारा शेयर किया गया पोस्ट आगामी 15 जुलाई को होने जा रहे एक मीटिंग का निमंत्रण भी है। इस मीटिंग का आयोजन तमिल देश कुडियारासु कटची के द्वारा कुंभकोणम में किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस मीटिंग का उद्देश्य तमिल और तमिल मातृभूमि की रक्षा करना बताया जा रहा है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया में शेयर इस पोस्ट के बारे में कुंभकोणम के कल्लापुलियुर गांव के ग्राम प्रशासन अधिकारी सुरेन्द्र कुमार ने मामला दर्ज कराया है।
पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 बी(1)(सी) के तहत शिकायत की दर्ज
गौरतलब है कि मीडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार ने कहा कि 'आरोपी लड़का तमिल देशम कुडियारसु कटची नाम के संगठन का सदस्य है।’ उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्ट को शेयर करना और लिखना दोनों अपराध है और यह संगठन भारत के बंटवारे एवं नफरत फैलाने के लिए काम करता है। कुमार ने कहा कि जब उन्होंने इस पोस्ट को देखा तो उसे लगा कि ये राष्ट्रीय एकता को क्षतिग्रस्त करने के इरादे से लिखी गई है। इसलिए बिना वक्त गवांए पुलिस में इस मामले की शिकायत की है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के शिकायत के आधार पर भारतीय दंड विधान की धारा 153 बी(1)(सी) के तहत मामला दर्ज किया है। उस पर धार्मिक और जातीय उन्माद फैलाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। बता दें कि इस अपराध के लिए आरोपी शख्स को तीन वर्ष की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकता है।