
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात पेरिस समझौते की पांचवीं वर्षगांठ पर क्लाइमेट एंबिशन समिट 2020 को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए सभी देशों से सहयोग की अपील करेंगे।
चिली और इटली के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र संघ, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी में यह समिट हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और फ्रांसीसी राष्ट्रपति भी क्लाइमेट एम्बिशन समिट 2020 को संबोधित करेंगे।
ग्रीन हाउस उत्सर्जन कम करने पर जोर
बता दें कि पेरिस समझौता एक महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय समझौता है जिसे जलवायु परिवर्तन और उसके नकारात्मक प्रभावों से निपटने के लिए 2015 में दुनिया के लगभग प्रत्येक देश द्वारा अपनाया गया था। इस समझौते का उद्देश्य वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को काफी हद तक कम करना है। ताकि इस सदी में वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व - औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस कम रखा जा सके। इसके साथ ही आगे चलकर तापमान वृद्धि को और 1.5 डिग्री सेल्सियस रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रत्येक देश को ग्रीनहाउस गैसों के अपने उत्सर्जन को कम करना होगा। भारत के 33 फीसदी गैस उत्सर्जन करने का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक भारत ने 21 फीसदी गैस का उत्सर्जन कम कर लिया है।