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पीएनबी घोटालाः नीरव मोदी का पता मिला, भारत ने हांगकांग से की गिरफ्तारी की मांग

जाब नेशनल बैंक को करीब 22 हजार करोड़ का चूना लगाने वाले भगोड़े हीरा कारोबारी को पकड़ने के लिए भारत सरकार ने हांगकांग से अनुरोध किया है।
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Nirav modi

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक को करीब 22 हजार करोड़ का चूना लगाने वाले भगोड़े हीरा कारोबारी को पकड़ने के लिए भारत सरकार ने हांगकांग से अनुरोध किया है। राज्यसभा में विदेश राज्यमंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह ने एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'मंत्रालय ने हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना सरकार से नीरव मोदी की अस्थाई गिरफ्तारी के लिए 23 मार्च को अनुरोध किया है।' मंत्री से सवाल पूछा गया था कि क्या मंत्री नीरव और मेहुल चौकसी के ठिकानों के बारे में कोई सुराग है? आपको बता दें कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआइ समेत कई एजेंसियों की जांच चल रही है।

सीबीआइ की एफआइआर के बाद निलंबित हुआ था पासपोर्ट
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने दोनों हीरा व्यापारियों के पासपोर्ट पीएनबी घोटाले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के बाद ही रद्द कर दिए थे। गौरतलब है कि यह पूरा मामला सामने आने के बाद नीरव मोदी और मेहुल चौकसी दोनों देश छोड़कर भाग गए थे। लंबे समय से उन्हें लेकर कोई जानकारी नहीं मिली थी। विदेश मंत्रालय ने 16 फरवरी को मोदी और चौकसी को शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। उन्हें जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय भी दिया गया था।

ऐसे हुई थी पीएनबी से बड़ी धोखाधड़ी
हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू के जरिये हजारों करोड़ के इस घोटाले को अंजाम तक पहुंचाया था। इसे पीएनबी के मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रान्च के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर किया गया था। अधिकारियों ने नीरव, मेहुल और अन्य संबंधियों की कंपनियों को करीब 1590 एलओयू जारी किए थे, जिनके लिए उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक किसी भी एलओयू से मिली राशि का भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ है।

Published on:
05 Apr 2018 11:01 pm
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