गुजरात पुलिस ने सेना के पूर्व जवान जयदेव जोशी की शिकायत पर मामला दर्ज किया प्रशांत भूषण पर लगाया धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप प्रशांत बेवजह सरकारी आदेशों पर टिप्पणी कर माहौल खराब करते हैं
नई दिल्ली। अपने ही एक ट्वीट को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ( Senior Advocate Prashant Bhushan ) की परेशानी बढ़ती हुई दिखाई देने लगी हैं। हालांकि गुजरात ( Gujrat ) में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर ( FIR ) को सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने चुनौती दी है। उनकी याचिका को शीर्ष अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। आज प्रशांत भूषण की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।
किस आधार पर हुआ मामला दर्ज
दरअसल, सेना के एक सेवानिवृत जवान जयदेव जोशी की शिकायत पर गुजरात के भक्तिनगर पुलिस स्टेशन में वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। एफआईआर में उन धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सरकारी आदेशों पर बेवजह टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है।
प्रशांत ने क्या कहा था
सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पिछले दिनों ट्वीट कर कहा था कि जब जबरन लॉकडाउन ( Lockdown ) से के कारण देश को करोड़ों का नुकसान हुआ, तो सरकार दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत धारावाहिकों का प्रसारण शुरू कर लोगों अफीम खिला रही है।
2 दिन पहले बाबा रामदेव से मांगी थी माफी
बता दें कि देश के मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने योग गुरु बाबा रामदेव से माफी मांगी है। उस ट्वीट को लेकर माफी मांगी है जिसमें उन्होंने डिफॉल्टर और कर्जमाफी को लेकर रामदेव का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि मैंने पहले एक पोस्टर ट्वीट किया था जिसमें उनका उल्लेख एक डिफॉल्टर के रूप में किया गया था, जिसका लोन माफ किया गया है।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि बाबा रामदेव से माफी मांगता हूं। मैंने पहले एक पोस्टर ट्वीट किया था जिसमें उनका उल्लेख एक डिफॉल्टर के रूप में किया गया था, जिसका लोन माफ किया गया है। पोस्टर एक पोर्टल की स्टोरी पर आधारित है, जिसमें रूचि सोया को डिफॉल्टर के रूप में उल्लेख किया गया है। बाद में मुझे पता चलता है कि बाबा रामदेव उसे केवल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।