Remuneration के रूप में मिलने वाला वेतन कैदी अपने परिवारवालों को भेज पाएंगे। Kerala Government इस योजना पर IOC के साथ मिलकर काम कर रही है।
नई दिल्ली। केरल सरकार ( Kerala Government ) ने कैदियों ( Prisoners ) के परिवार की चिंता करते हुए एक नई पहल की है। अब केरल के सरकारी पेट्रोल ( Government Petrol Pump ) पंपों पर ड्यूटी पर कैदियों को तैनात किया जाएगा। इसका मकसद जेल में बंद कैदियों को एक बेहतर जिंदगी देना है।
इतना नहीं, पेट्रोल पंपों पर काम करने वाले कैदी बतौर सरकारी कर्मचारी काम कर सकेंगे। इस काम के लिए उन्हें सरकार की ओर से प्रतिदिन मजदूरी ( Daily Remuneration ) के रूप में 220 रुपए मिलेंगे, जिसे वो अपने परिवारवालों को भेज पाएंगे।
दरअसल, केरल सरकार ने प्रदेश के जेल परिसरों ( Prison complexes ) में पेट्रोल पंप स्थापित करने की योजना तैयार की है। प्रदेश सरकार ने इस योजना पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ( IOC ) के साथ मिलकर काम कर रही है। केरल सरकार की इजाजत पर ही आईओसी ने जेल परिसर से पेट्रोल पंप चालू किए हैं।
सरकारी राजस्व में 5.9 लाख रुपए का इजाफा
प्रदेश सरकार ने वर्तमान में तीन जगह स्थापित पेट्रोल पंप के अलावा इसे कन्नूर जेल में भी इस योजना को शुरू किया जाएगा। इन जेलों से सरकार को हर महीने 5.9 लाख रुपए किराया मिलेगा। केरल सरकर ने भविष्य में सीएनजी और विद्युत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करके परियोजना का विस्तार करने की भी योजना है। पेट्रोल पंप पर सार्वजनिक सुविधा केंद्र ( Public Outlet ) भी रहेंगे।
एक पेट्रोल पंप पर 15 कैदियों को मिलेगा रोजगार
मीडिया से बातचीत में केरल जेल के डीजीपी ऋषिराज सिंह ( Kerala Jail DGP ( Rishi Raj Singh ) ने बताया कि पेट्रोल पंपों ( Petrol Pumps ) पर जेल कैदियों को रोजगार ( Employment ) देने की पहल की गई है। यह कोई पहली परियोजना नहीं है जिसमें केरल सरकार ने कैदियों को ड्यूटी पर तैनात किया है। इससे पहले भी इस तरह की कई परियोजनाएं में कैदियों को काम दिया गया है।
डीजीपी ऋषिराज सिंह ने कहा कि एक पेट्रोल पंप पर 15 कैदियों को रोजगार दिया जाएगा। तिरवनंतपुरम, वियूर और चेमनी जेलों के आउटलेट आज से काम करेंगे।
भागने की आशंका निराधार
हालांकि कई लोगों को इस बात की आशंका है कि सरकार की इस परियोजना का लाभ उठाकर कैदी भागने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन डीजीपी ने अपने अनुभव के आधार पर दावा किया है कि मुझे भरोसा है कि कैदी ऐसा नहीं करेंगे।
जेल के कैदी राज्य के पांच कैफेटेरिया में पहले से काम कर रहे हैं। खुद खाना तैयार करके लोगों को बेच रहे हैं। इस काम के लिए उन्हें हर दिन 220 रुपए भुगतान किया जा रहा है और इस कोरोना के दौर में कैदी इसे सफलतापूर्वक चला रहे हैं।
IOC ने 9.5 करोड़ का निवेश किया
आपको बता दें कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ( IOC ) द्वारा जेल परिसर में 4 पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए तकरीबन 9.5 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। पेट्रोलियम आउटलेट ( Petroleum outlet ) स्थापित करने के लिए जेल की तरफ से शेयर 30 लाख रुपए जारी किए गए हैं। जिन कैदियों की पेट्रोल पंप पर तैनाती की गई है उन्होंने आईओसी के पेट्रोल पंप में प्रशिक्षण लिया है और उनके द्वारा वर्दी भी दी जाएगी।