
नई दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में 41 दिन से किसान दिल्ली के बॉर्डरपर बैठे हुए हैं। कृषि कानूनों को निरस्त करए बिना वो ठस से मस होने को तैयार नहीं है। बीती 7 बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं अब अब खुले आसमान के नीचे बैठे किसानों पर बारिश का सितम देखने को मिल रहा है। दिल्ली में ठंड पहले के मुकाबले और ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन किसानों की ओर से साफ कर दिया है कि जब तब सरकार कृषि कानूनों को समाप्त नहीं किया जाता है तब बारिश, तूफान, सर्दी और गर्मी कुछ भी हो जाए वो वहां से नहीं हिलेंगे। अब अगले दौर की बैठक 8 जनवरी को होनी है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में कोई ना कोई समाधान निकल जाए।
नए कृषि कानूनों को रद्द करवाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की गारंटी की मांग को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं और इस दौरान आंदोलन में शामिल 50 से ज्यादा किसान दम तोड़ चुके हैं। मगर, आंदोलन समाप्त करवाने को लेकर किसान संगठनों के नेताओं और सरकार के बीच हो रही वार्ता के लिए फिर एक तारीख तय हुई।