
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेनें चलाई गई हैं। अब रेलवे ने यह आशंका जताई है कि ये स्पेशल ट्रेनें सांप्रदायिक झगड़ों का अड्डा बन सकती हैं। इसके मद्देनजर रेलवे ने अपने सभी जोन को सतर्क करते हुए विस्तृत गाइडलाइन जारी की हैं। गाइडलाइन में ट्रेन के अंदर भी यात्रियों के व्यवहार पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रोटोकाल को तीन हिस्सों में बांटा
रेलवे की ओर से शुक्रवार से लेकर सोमवार शाम तक करीब 60 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई हैं। अब सुरक्षा और सेनिटाइजेशन से जुड़े प्रोटोकॉल को लेकर विस्तृत गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इन गाइडलाइंस में प्रोटोकॉल को प्रारंभिक स्टेशन, गंतव्य स्टेशन और ट्रेन यात्रा- तीन हिस्सों बांटा गया है।
खुफिया एजेंसियों की ली जाए मदद
गाइडलाइन में सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाने के लिए पूर्व सैनिकों, होमगार्डों और यहां तक कि निजी सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने को कहा गया है। यही नहीं ट्रेन के साथ ही स्टेशनों के प्रवेश और बाहर निकलने के रास्तों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाने को कहा गया है। गाइडलाइंस के मुताबिक- यात्रियों के बीच किसी तरह के सांप्रदायिक या सामूहिक उपद्रव की संभावनाओं पर नजर रखने के लिए खुफिया एजेंसियों के साथ नजदीकी तालमेल बनाए जाने की बात भी कही गई है।
राज्य पुलिस को तत्काल दी जाए सूचना
गाइडलाइन में निर्देश दिए गए हैं कि- ऐसी किसी भी संभावना की जानकारी मिलने पर तत्काल सुरक्षा बढ़ाने जैसे आवश्यक उपाय किए जाएं। किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल राज्य पुलिस को जानकारी देकर जल्द से जल्द मदद ली जाए। रेलवे ने गाइडलाइंस में यह भी कहा है कि प्रारंभिक और गंतव्य स्टेशनों पर ट्रेन की हर हाल में अच्छी तरह सफाई कराई जाए और तुरंत उसे सैनिटाइज भी किया जाए। साथ ही चलती ट्रेन में मौजूद यात्रियों के लिए तरल साबुन और टायलेट की सफाई के लिए न्यूनतम संख्या में सफाई कर्मचारियों की भी व्यवस्था की जाए।