Free Ration : बेरोजगार हुए लोगों को राहत देने के लिए गहलोत सरकार ने मई और जून महीने में भी मुफ्त में राशन बांटे जाने का किया ऐलान 12 जून से शुरू होगा वितरण प्रणाली का कार्य, प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो इसलिए राशन की दुकान पर दो सरकारी कर्मचारी मौजूद रहेंगे
नई दिल्ली। लॉकडाउन (Lockdown) के चलते कई लोगों के रोजगार छिन गए हैं तो वहीं कुछ लोगों का कामकाज ठप हो गया है। ऐसे में जरूरतमंदों को खाने-पीने की दिक्कत न हो इसके लिए राज्य एवं केंद्र सरकारों की ओर से नि:शुल्क राशन दिया जा रहा था। चूंकि अब अनलॉक 1.0 (Unlock 1.0) में काफी चीजें खोल दी गई हैं, मगर कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Govt) का फैसला जरूरतमंदों को थोड़ी राहत जरूर पहुंचा सकता है। दरअसल गहलोत सरकार ने ऐलान किया है कि अगले दो महीनों तक फ्री राशन (Free Ration) बांटा जाएगा। इससे प्रदेश के 43 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
राशन में गेहूं और चना उपलब्ध कराया जाएगा। इसका वितरण 12 जून से किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेशचन्द मीणा का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान काम-धंधे ठप होने से लाखों लोग अस्थायी रूप से बेरोजगार हो गए हैं। उनकी मदद के लिए राज्य सरकार ने कामगार परिवारों की 37 श्रेणियां निर्धारित की थी, जिसका सर्वे भी कराया गया था। सर्वे के अनुसार प्रदेश में विशेष श्रेणी के नॉन एनएफएसए व्यक्तियों की संख्या लगभग 43 लाख है। इन सभी को फ्री में अनाज दिया जाएगा।
प्रति व्यक्ति मिलेगा 5 किलो गेहूं
विशेष श्रेणियों के पात्र व्यक्तियों को मई और जून माह के लिए गेहूं और चने का निशुल्क वितरण किया जाएगा। प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं और प्रति परिवार 1 किलो चना प्रतिमाह के हिसाब से मिलेगा। प्रदेश में विशेष श्रेणी के परिवारों को वितरण किये जाने वाले गेहूं का संबंधित कलक्टर्स को भारतीय खाद्य निगम से 11 जून तक उठाव करवाना होगा।
सरकारी कर्मचारी की अगुवाई में होगा वितरण
खाद्य मंत्री के अनुसार दुकान के क्रम के अनुसार गेहूं का आवंटन किया जायेगा। जरूरतमंदों को वितरण के दौरान कोई परेशानी न हो। साथ ही उचित मूल्य पर राशन मिलें इसके लिए दुकान पर दो सरकारी कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा।
एसएमएस से मिलेगी वितरण की जानकारी
लाभार्थियों को वितरण की जानकारी देने के लिए उन्हें एसएमएस भेजा जायेगा। प्रदेश में गेहूं का वितरण करने से पहले फार्म-4 के शेष डाटा तैयार किया जा रहा है। जिसमें जन-आधार या आधार की सीडिंग तथा ऑफ लाइन सर्वे की मदद ली जा रही है। इसमें ई-मित्र या मोबाइल एप पर एंट्री की भी कोशिश की जा रही है।