जेठमलानी ने कहा था- केजरीवाल के कहने पर लड़ा था केस केजरीवाल ने राम जेठमलानी पर लगाया था झूठ बोलने का आरोप आपराधिक मामलों के देश के सबसे बड़े वकील रहे जेठमलानी
नई दिल्ली। देश के मशहूर अधिवक्ता और कोर्ट रूम में जजों के बीच कानून की दहशत पैदा करने वाले राम जेठमलानी अब हमारे बीच नहीं रहे। इसके बावजूद उनकी साफगोई वकालतगिरी को लोग हमेशा याद रखेंगे। बता दें कि आपराधिक मामलों में पिछले कुछ दशकों में उनसे बड़ा वकील कोई नहीं हुआ।
केस लड़ने के लिए फीस विवाद में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को सीएम पद पर रहते हुए आड़े हाथों लिया है।
केजरीवाल के कहने पर लड़ा मुकदमा
र्चित वकील राम जेठमलानी ने फीस विवाद पर सीएम अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा था कि फीस नहीं देंगे तो कोई बात नहीं, मैं हजारों लोगों के लिए फ्री में काम करता हूं। उनका फीस भी उन्हें गरीब मानकर छोड़ दूंगा। जेठमलानी ने ये भी कहा कि केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं। मैंने बिना उनके कहे उनका मुकदमा नहीं लड़ा।
बतौर फीस मांगी थी 2 करोड़
बता दें कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए 10 करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था। इस मामले में जेठमलानी दिल्ली के सीएम केजरीवाल की पैरवी कर रहे थे। पैरवी करने के बाद जेठमलानी ने केजरीवाल को चिट्ठी भेजकर फीस के तौर पर 2 करोड़ की मांग की थी।
फीस की मांग करने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने जेठमलानी को केस की पैरवी के लिए नहीं कहा था। लेकिन दिल्ली सरकार फरवरी, 2017 में जेठमलानी को 3.5 करोड़ बतौर फीस दिए थे जिसे विपक्ष ने काफी जोर शोर से उठाया था।