Medical Treatment के बाद 47,091 मरीज शुक्रवार तक घर लौटे। Corona Infection से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी। अब मरीज के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति की होगी कोरोना जांच।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में रहने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। पिछले कुछ दिनों के अंदर दिल्ली में कोरोना संक्रमण से उबरने की दर पहली बार 60 फीसदी से अधिक हो गई है।
60.96% मरीज घर लौटे
गुरुवार तक दिल्ली में कोरोना संक्रमण ( Coronavirus Infection ) के कुल 77,240 मामले सामने आए थे। इनमें से 47,091 मरीज शुक्रवार तक कोरोना संक्रमण से ठीक होकर घर लौट गए। इस हिसाब से दिल्ली में 60.96% मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।
10 दिनों में तीन गुना मरीज हुए ठीक
देश की राजधानी में पिछले 10 दिनों में कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है। 15 जून तक दिल्ली में कुल 16,427 मरीज ठीक हुए थे लेकिन 10 दिन बाद 26 जून तक कोरोना ( Corona ) से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़कर 47,091 हो गई है।
मृत्यु दर में भी आई गिरावट
दिल्ली में एक सप्ताह पहले कोरोना से मरने वालों की दर 4 फीसदी से भी अधिक हो गई थी। अब इस मामले में कमी आई है। शुक्रवार तक दिल्ली में मृत्यु दर ( Death Rate ) घटकर 3.22 फीसदी हो गई है। यहां कुल 77,240 संक्रमित मरीजों में 2492 की जान गई है।
हालात में सुधार के संकेतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ( Delhi Government ) ने कोरोना मरीज के संपर्क में 15 मिनट रहने वाले हर व्यक्ति की कोरोना जांच कराने की घोषणा की है। फिर उसके अंदर चाहे कोई लक्षण हो या नहीं। केंद्र के निर्देश पर दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय ( Delhi Health Directorate ) ने बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए यह फैसला लिया है। यही नहीं होम आइसोलेशन ( Home Isolation ) में रहने वाले कोरोना मरीज के परिवारवालों की भी कोरोना जांच अनिवार्य किया है।
सरकार मुहैया कराएगी ऑक्सीमीटर
बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि होम क्वारनटाइन ( Home Quarantine ) के तहत इलाज करा रहे सभी मरीजों को ऑक्सीमीटर ( Oxymeter ) सरकार मुहैया कराएगी। ताकि सांस रुकने या लेने में परेशानी की वजह से तत्काल मौत को रोका जा सके। साथ कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने पर काम तेजी से जारी है। प्लाज्मा थेरेपी ( Plasma Therepy ) ट्रायल को जारी रखने का भी फैसला लिया गया है।