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रिपोर्ट: भूजल संकट के कारण पीने के पानी के लिए तरसेंगे लोग

60 करोड़ लोगों को पीने के साफ पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, दो साल में पैदा होगा भयावह संकट।

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Jun 19, 2018
रिपोर्ट: भूजल संकट के कारण पीने के पानी के लिए तरसेंगे लोग

नई दिल्‍ली। भारत इस समय भूजल जलसंकट से जूझ रहा है। देश के लगभग 60 करोड़ लोगों को पीने के साफ पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ये समस्या अगले दो सालों में और भयावह होने जा रही है। अगले दो साल में दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत 21 शहरों में भूजल का भंडार सूखने के कगार पर है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस जल संकट से लगभग दस करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे।

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2030 तक देश में पानी की मांग दोगुनी होगी

नीति आयोग की 'कंपोजिट वॉटर मैनेजमेंट इंडेक्स' नाम की रिपोर्ट को जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में पेश किया। मीडिया रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि 2030 तक देश में पानी की मांग मौजूदा सप्लाई से लगभग दो गुनी हो जाएगी। इसका असर देश के विकास पर भी पड़ेगा और जीडीपी में छह फीसदी की कमी आएगी यानि जल संकट का प्रभाव लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी देखने को मिलेगा।

70 फीसद पानी प्रदूषित हो चुका है

नीति आयोग की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने सामने आए हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि देश में लगभग 70 फीसद पानी प्रदूषित हो चुका है,ये अब पीने योग्‍य नहीं है। पानी की गुणवत्ता की सूची में मौजूदा 122 देशों में भारत 120 वें नंबर पर है। इस समय पीने का साफ पानी मुहैया न होने की वजह से हर साल लगभग दो लाख लोगों की मौत हो जाती है। इन आकड़ों से साफ है कि पानी की कमी की वजह से आने वाले दिनों लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।इसका असर देश के विकास पर भी पड़ेगा और जीडीपी में 6 फीसदी की कमी आएगी यानि जल संकट का प्रभाव लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी देखने को मिलेगा।

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Published on:
19 Jun 2018 06:49 pm
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