2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्या आॅपरेशन आॅलआउट बना भाजपा-पीडीपी गठबंधन टूटने का मुख्य कारण

सेना की कार्रवाई को लेकर दोनों पार्टियों में रहा है मतभेद,आतंकवाद के खिलाफ पीडीपी के नरम रवैये ने तोड़ा गठबंधन।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 19 Jun 2018, 4:51 PM IST

army

क्या आॅपरेशन आॅलआउट बना भाजपा-पीडीपी गठबंधन टूटने का मुख्य कारण

नई दिल्ली। पिछले तीन साल से भाजपा-पीडीपी गठबंधन मूल विचाराधारा से भिन्न होकर भी एक साथ कश्मीर में काम कर रहा था।काम के दौरान कई बार तनाव की स्थिति भी सामने आई, मगर केंद्र सरकार ने बीच बचाव करके गठबंधन को बचाए रखा।मगर आतंकवाद को लेकर पीडीपी के नरम रवैये ने आखिरकार दोनों पार्टी की राहें जुदा कर दीं।भाजपा का हमेशा से पक्ष रहा था कि सेना को कार्रवाई की खूली छूट देनी चाहिए। मगर पीडीपी यह नहीं चाहती थी। पीडीपी शुरू से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना के आॅपरेशन आॅलआउट आॅपरेशन के पक्ष में नहीं रही।

गठबंधन टूटने पर सियासी बयानीबाजी शुरू, शिवसेना ने भाजपा को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात

सेना की कार्रवाई से हालात बिगड़ेंगे: पीडीपी

पीडीपी की महबूबा मुफ्ती सरकार का मनाना था कि सेना की सख्ती से कश्मीर के हालात और बिगड़ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेना की कार्रवाई को लेकर भाजपा और पीडीपी के बीच हमेशा से मतभेद की स्थिति बनी रही है। पिछले दिनों रमजान माह को देखते हुए सरकार ने आॅपरेशन आॅलआउट पर विराम लगा रखा था। इसकी वजह से सेना और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब सेना ने जब दोबारा आॅपरेशन को चलाने का ऐलान किया तो पीडीपी ने इस पर ऐतराज जताना शुरू कर दिया। ऐसे में भाजपा के पास गठबंधन से अगल होने के अलावा कोई और विकल्प मौजूद नहीं था।

भाजपा ने पीडीपी पर लगाई आरोपों की झड़ी, सरकार गिरने के लिए महबूबा जिम्मेदार

आॅपरेशन बंद करने पर हुआ भारी नुकसान

रमजान के वक्त आॅपरेशन आॅलआउट पर विराम लगाने से सेना को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। गौरतलब है कि 2017 से चल रहे इस आॅपरेशन में अब तक 311 आतंकी मारे जा चुके हैं। वहीं 88 आतंकियों ने इस दौरान आत्मसर्मपण कर दिया। यह आॅपरेशन चलाकर कश्मीर में सेना ने कुछ हद तक आतंकवाद पर काबू पा लिया था। मगर रमजान के मौके पर इस आॅपरेशन पर विराम लगाने से सेना के कई जवान मारे गए। ईद वाले दिन घर लौट रहे सेना के जवान औरंगजेब को बड़ी बेरहमी से आतंकवादियों ने मार दिया था। इसके जवाब में सेना किसी बड़ी कार्रवाई के मूड में है। मगर पीडीपी सरकार ने इस तरह की कोई भी कार्रवाई पर समर्थन नहीं दिया।