विविध भारत

शोध: पिछली शताब्दी में लगभग 50 फीसदी सूखे की वजह उत्तरी अटलांटिक से चली वायु धाराएं रहीं

Highlights. -आईआईएससी के शोध में वैज्ञानिकों ने किया दावा - मानूसन की विफलता में सिर्फ अल नीनो का ही हाथ नहीं - 23 बार के सूखे में 10 बार अल नीनो का प्रभाव नहीं था  

less than 1 minute read
Dec 13, 2020
el_nino.jpg

नई दिल्ली।

भारतीय विज्ञान संस्थान (आइआइएससी) के शोध का दावा है कि देश में मानसून विफलता की वजह केवल अल नीनो नहीं है। पिछली शताब्दी में मानसून विफलता और सूखे का बड़ा कारण उत्तरी अटलांटिक वायु धाराएं भी रही हैं।

शोध के अनुसार पिछली शताब्दी 23 बार के सूखे में 10 बार अल नीनो का प्रभाव नहीं था। अमूमन इसका कारण अल नीनो को माना जाता है जो कि एक गर्म जलधारा है और भारतीय उपमहाद्वीप में नमी से भरे मानसूनी बादलों को खींच लेती है।

आइआइएससी का शोध

लाहौल में रास्तों ने ओढ़ी बर्फ की चादर

उत्तर भारत पश्चिमी विक्षोभ से प्रभावित हो रहा है। मुंबई और अहमदाबाद में बारिश हुई। उत्तरप्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड में कई जगह कोहरा छाया रहा। हिमाचल का लाहौल क्षेत्र हिमपात के बाद बर्फ की चादर से ढक गया। शनिवार को पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, मध्यप्रदेश व राजस्थान में बारिश होने का अनुमान है।

Published on:
13 Dec 2020 01:11 pm