गौरतलब है कि महिलाओं के प्रवेश के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मंदिर परिसर के बाहर डटे हुए हैं।
पंबा: केरल में सबरीमला मंदिर पर संग्राम जारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर सियासी घमासान मचा है। सबरीमला मंदिर का कपाट शाम पांच बजे खोला जाएगा। इससे पहले मंदिर के बाहर विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। पंबा में प्रदर्शनकारियों ने तीर्थ यात्री और मीडिया को निशाना बनाया है। कई श्रद्धालु जख्मी हो गए हैं। पुलिस ने 11 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंदिर के आसपास तनाव का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी वहां मौजूद है।
महिलाओं को बीच रास्ते से लौटाया जा रहा
गौरतलब है कि महिलाओं के प्रवेश के विरोध में निलक्कल स्थित बेस कैम्प में प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिला प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं। वहींं भगवान अयप्पा का दर्शन करने जा रही सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे लोग महिलाओं को बीच रास्ते से ही वापस भेजा जा रहा है।
कोई भी हाथ में ना ले कानून
सीएम ने पी विजयन ने साफ कर दिया है कि किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। फैसले के विरोध पर केरल के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करेंगे। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि हम किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देंगे। सरकार सबरीमाला मंदिर जाने वाले भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखेगी।। उन्होंने कहा कि सरकार मामले में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी। हमने कोर्ट में कह चुके हैं कि आदेश को लागू किया जाएगा।