
नई दिल्ली। कहते हैं प्यार पत्थर दिल को भी पिघला सकता है। ऐसा ही कुछ दो खतरनाक नक्सलियों (Naxals) के साथ भी हुआ। लोगों से बदला लेते हुए दोनों खुद ही एक-दूसरे की मोहब्बत (Love) में डूब गए। दो साल तक जंगल में इश्क की आंख-मिचौली खेलने के बाद उन्होंने साथ मिलकर जिंदगी बिताने का फैसला किया। हथियार और गोलीबारी से दूर नॉर्मल लाइफ जीने के लिए दोनों नक्सलियों ने पुलिस को आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया।
सरायकेला राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति (Surrender Policy) के तहत कुख्यात नक्सली महाराज प्रमाणिक दस्ते के एरिया कमांडर (Area Commander) राकेश मुंडा (Rakesh Munda) उर्फ सुखराम मुंडा ने सरेंडर (Surrender) किया। उसके साथ उसकी प्रेमिका चांदनी ने भी सरेंडर किया। जिले के एसपी मो. अर्शी ने दोनों को एक-एक लाख रुपये का चेक सौंपकर मुख्यधारा में लौटने के लिए बधाई दी। एसपी ने बताया कि एरिया कमांडर राकेश मुंडा ने वर्ष 2016 में नक्सली दस्ते से जुड़ा था। उसने कई तरह के नक्सली प्रशिक्षण लिए। वहीं उसकी गर्लफ्रेंड चांदनी ने साल 2018 में नक्सलवाद की राह पकड़ी। एक ही दस्ते में रहने के चलते दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। दो साल तक जंगल में रहने के बाद उन्होंने सामान्य जिंदगी की तरफ रुख करने और अपने रिश्ते को मुकाम तक पहुंचाने का फैसला लिया।
आत्मसमर्पण नीति के तहत दोनों नक्सलियों को एक-एक लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके आलवा पुनर्वास के लिए उन्हें जमीन दी जाएगी। साथ ही भविष्य में उनके बच्चे होने पर सरकार नि:शुल्क शिक्षा भी मुहैया कराएगी। फिलहाल दोनों को कोर्ट में पेश कर ओपन जेल में रखा जाएगा। साथ ही इन के खिलाफ दर्ज मामलों के जल्द निबटारे की कोशिश की जाएगी।