
नई दिल्ली.
साल का अंतिम महीना एक दुर्लभ खगोलीय घटना का साक्षी बनेगा। 21 दिसंबर की रात को बृहस्पति और शनि ग्रह आसमान में चमकते हुए तारे की तरह दिखाई देंगे व बेहद करीब होंगे। पिछली बार ये दोनों ग्रह 16 जुलाई 1623 को इतने करीब नजर आए थे। ४०० साल बाद ये फिर से काफी पास दिखेंगे। इनके बीच एक डिग्री के दसवें हिस्से जितनी दूरी रहेगी।
धीरे-धीरे यूं घट रही है दूरी
दोनों ग्रहों के बीच में दूरी धीरे-धीरे कम हो रही है। 1 नवंबर को 5.1 डिग्री थी। 15 नवंबर को 3.8 डिग्री, 1 दिसंबर को 2.2 डिग्री और 15 दिसंबर को 0.7 डिग्री की दूरी रहेगी। 21 दिसंबर को यह और भी घट जाएगी, जिसके बाद दोनों ग्रह और नजदीक होंगे।
दक्षिण-पश्चिम आसमान में आएगी नजर
इस घटना को हेलीओसेंट्रिक कंजेक्शन यानी सूर्य केंद्रित संयोग नाम दिया गया है। यह घटना 21 दिसंबर को रात को देखी जा सकती है। इसे आसमान में दक्षिण पश्चिम की ओर देख पाएंगे। हांलाकि, यह घटना भारत में केवल उसी स्थिति में नजर आ सकती है, जब दो सप्ताह पहले से प्रदूषण बिल्कुल साफ हो। खास तौर पर उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण के कारण यह नजर आना मुश्किल है। लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण अपने स्तर से काफी नीचे आ गया था। लेकिन एक बार फिर से प्रदूषण बढ़ रहा है। दिवाली के बाद धुएं और धुंध के बढ़ जाने के कारण इस खगोलिय घटना को देख पाना मुश्किल होता नजर आ रहा है।