
Ambikapur Dilapidated Roads, मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन करते सामाजिक कार्यकर्ता (Photo- Video grab)
अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर से गुजरने वाले एनएच की सडक़ों की हालत बद् से बद्तर हो गई है। लोगों का इस पर चलना मुश्किल हो रहा है। जर्जर और गड्ढों वाली सडक़ों की वजह से आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इधर जर्जर सडक़ों के निर्माण की मांग को लेकर अंबिकापुर के सामाजिक कार्यकर्ता समेत कांग्रेस के लोग लगातार प्रदर्शन (Protest for Ambikapur Roads) कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार की दोपहर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंत्री राजेश अग्रवाल के गांधी चौक से लगे बंगले का घेराव किया। उन्होंने बंगले के गेट के बाहर बैठकर मंत्री महोदय बाहर निकलें, के नारे लगाए। उन्होंने मंत्री से पूछा कि शहर की जर्जर सडक़ें आखिर कब बनेंगीं। प्रदर्शन के दौरान मंत्री मौके पर पहुंचे और कहा कि टेंडर हो चुका है, बरसात खत्म होते ही सडक़ें बनना शुरु हो जाएंगीं।
अंबिकापुर के सामाजिक कार्यकर्ता शहर व एनएच की जर्जर सडक़ों (National highway roads) को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कभी वे कीचडय़ुक्त पानी में नहा रहे हैं तो कभी गड्ढों वाली सडक़ों में लोकगीत पर डांस कर प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंबिकापुर विधायक व मंत्री राजेश अग्रवाल के बंगले का घेराव कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद ने कहा कि जब से छत्तीसगढ़ राज्य बना है, चौथी बार भाजपा की सरकार सत्ता में है। तीसरी बार ये निगम में शासन कर रहे हैं, लेकिन जर्जर सडक़ों से जनता को निजात नहीं दिला पा रहे हैं। जर्जर सडक़ों को लेकर ये हर बार कहते हैं कि बरसात के बाद बनाएंगे। जब बरसात खत्म होती है तो रिपेयरिंग कर इतिश्री कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि आज हम मंत्री के बंगले का घेराव (Minister Bungalow surrounding) कर रहे हैं, आने वाले दिनों में हम सांसद के बंगले का भी घेराव करेंगे। वहीं अंकुर सिन्हा ने कहा कि हम अपना काम-धाम छोडक़र जनता को जर्जर सडक़ से होने वाली परेशानियों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सडक़ बनाने का काम जनप्रतिनिधि शुरु नहीं करा पा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
प्रदर्शन के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल सूरजपुर से अंबिकापुर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से कहा कि सडक़ों का टेंडर हो गया है, यह पीडब्ल्यूडी और एनएच की सडक़ है। प्रोसेस में थोड़ा टाइम लग गया। प्रोसेस होते-होते बरसात आ गई, इस वजह से काम शुरु नहीं हो पाया। जहां पानी का निकास नहीं है, वहीं की सडक़ खराब हुई है। इस बार के टेंडर (Roads Tender) में नाली सहित सडक़ बननी है।
इस बार पूरी गुणवत्ता की सडक़ बनेगी। जर्जर सडक़ों के मेंटेनेंस का काम शुरु कर दिया गया है। मैं जनता की पीड़ा और आंदोलन करने आए थे, उनकी भी पीड़ा समझ रहा हूं। इनके दुख-दर्द को समझते हुए जल्द ही मेंटेनेंस शुरु कर देंगे। सभी जगह मेंटेनेंस को मैं खुद देखने गया था। उन्होंने कहा कि सडक़ों पर गड्ढे बहुत ज्यादा हैं और पानी का निकास का साधन नहीं है।
भारतमाता चौक से दरिमा मोड़ क्षेत्र में पानी भी बहुत ज्यादा आता है। अब पानी रुक गया है, अब काम शुरु किया जा सकता है। उन्होंने गुणवत्ताहीन सडक़ बनाए जाने के सवाल पर कहा कि यह निगम की सडक़ नहीं है, पूरी गुणवत्ता के साथ सडक़ें (Quality roads) बनेंगीं।
Updated on:
10 Sept 2026 05:24 pm
Published on:
10 Sept 2026 04:32 pm
