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कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्तियों में वैक्सीन का एक शॉट कारगरः रिसर्च

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों पर वैक्सीन रिस्पॉन्स चेक किया गया। न्यूयॉर्क स्थित आईकाह्न स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का शोध। पहले से संक्रमित हो चुके मरीजों में कोरोना वैक्सीन का एक डोज कारगर।  

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Single shot of COVID-19 vaccine is effective in persons recovered from Coronavirus: Research

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा-चक्र को मजबूत करने के लिए देशभर में टीकाकरण अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। इस बीच कोविड-19 के टीके के असर को लेकर दुनियाभर में हो रहे अध्ययनों में कई महत्वपूर्ण तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके लोगों में कोविड वैक्सीन की एक ही खुराक असरदार हो सकती है।

इस संबंध में न्यूयॉर्क स्थित आईकाह्न स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा एक अध्ययन किया गया। इस शोध में यह बात उभरकर सामने आई कि कोरोना वायरस संक्रमण से पहले ग्रस्त रह चुके लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक देने के बाद उनमें उच्च एंटीबॉडी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके थे, उनमें वैक्सीनेशन के बाद ऐसे लोगों की तुलना में कहीं अधिक एंटीबॉडी रिएक्शन देखा गया है, जो पहले संक्रमित नहीं हुए थे।

इस अध्ययन में शोधकर्ताओं द्वारा 109 लोगों के इम्यूनिटी रिस्पॉन्स को शामिल किया गया है, जिन्हें फाइज़र-बायोएनटेक या मॉडर्ना वैक्सीन दी गई थी। ये दोनों ही कोविड-19 वैक्सीन एमआरएनए तकनीक पर आधारित हैं। इस अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों में से 68 ऐसे थे, जो कोविड-19 से कभी संक्रमित नहीं हुए थे। जबकि, 41 लोग इससे पहले कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए जा चुके थे।

हालांकि, इस शोध का मूल्यांकन अभी तक अन्य विशेषज्ञों द्वारा नहीं किया गया है। यह अध्ययन स्वास्थ्य संबंधी शोध के प्री-पब्लिश्ड सर्वर मेडआर्काइव पर प्रकाशित किया गया है। इस संबंध में आईकाह्न स्कूल ऑफ मेडिसिन के वायरोलॉजिस्ट एवं प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर फ्लोरियन क्रैमर ने बताया, "इस अध्ययन के नतीजों से लगता है कि कोविड-19 से उबर चुके लोगों को टीके की एक ही खुराक देना पर्याप्त हो सकता है।"

शोधकर्ताओं का कहना है कि अन्य लोगों की तुलना में कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों में प्रतिरोधी प्रतिक्रिया 10-20 गुना अधिक देखी गई है। कुछ मामलों में यह प्रतिक्रिया उन लोगों में उत्पन्न संरक्षण के स्तर को भी पार कर गई, जो टीके की दो खुराक के बाद संक्रमित नहीं हुए थे।

Updated on:
05 Feb 2021 06:37 pm
Published on:
05 Feb 2021 06:15 pm
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