
नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन 4.0 आज से लागू है। 31 मई तक तक लॉकडाउन 4 जारी रहेगा। हालांकि इस दौरान कुछ जरूरी रियायतें भी दी गई है। इसके अलावा श्रमिकों की घर वापसी के लिए श्रमिक ट्रेनें भी चलाई जा रही है। वहीं कोरोना से जुड़ी झूठी और भ्रामक खबरें भी तेजी से फैलाई जा रही है। व्हाटएसएप पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि मुंबई से पश्चिम बंगाल के लिए श्रमिक ट्रेन के ऊपर मजदूर सफर करने को मजबूर हैं।
दावा- श्रमिक ट्रेन के ऊपर मजदूर सफर करने को मजबूर
तथ्य- वीडियो पुराना है गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा
दरअसल पत्रिका के व्हाटएसएप नंबर पर एक जागरूक यूजर ने मैसेज भेजकर जानने की कोशिश की कि क्या सच में लॉकडाउन के दौरान मजदूर ट्रेन पर ऊपर चढ़कर सफर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान मजदूर श्रमिक ट्रेन के भीतर और बाहर अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं।
क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई
पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने जब इसकी पड़ताल शुरू की तो खुलासा हुआ कि यह वीडियो दो साल पुराना है। लॉकडाउन से इस वीडियो का कोई लेना देना है। फैक्ट चेक टीम ने सबसे पहले इस वीडियो को गूगल कीवर्ड पर सर्च किया जिसमें इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई। बल्कि मालूम चला कि 2018 में बांग्लादेश में ईद के दौरान ट्रेन चली थी जिसपर लोग ट्रेन की छत और ट्रेन के आगे बैठकर सफर कर रहे हैं। पत्रिका आपसे अपील करता है कि फर्जी और भ्रामक खबर से बचकर रहे।
पीआईबी ने वीडियो को गलत बताया
वहीं पीआईबी ने इस वीडियो को पूरी तरह से गलत बताया है। पीआईबी ने बताया कि बांग्लादेश में 2018 में लोग ट्रेन पर चढ़कर यात्रा कर रहे हैं। लॉकडाउन से इसका कोई लेना देना नहीं है। लॉकडाउन से जोड़कर इसे प्रसारित किया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है।