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दुनिया की सबसे मोटी महिला का मुंबई में होगा इलाज, बन रहा स्पेशल अस्पताल

दो करोड़ की लागत से एक बेडरूम वाला स्पेशल अस्पताल बनेगा। निर्माण कार्य शुरू हुुआ। मिस्र की यह महिला छह महीने भारत में रहेगी।
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Updated: 12 Jan 2017, 9:32 AM IST
faty women
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मुंबई. दुनिया की सबसे मोटी महिला इमान अहमद के इलाज के लिए मुंबई में एक बेड वाला स्पेशल अस्पताल बनाया जा रहा है। इसमें करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। मिस्र की इस महिला का वजन 500 किलोग्राम है। वह सर्जरी के लिए जल्द भारत आने वाली हैं।

7 फीट चौड़ा बनेगा बेड

मुंबई के चरनी रोड पर स्थित सैफी अस्पताल यह स्पेशन अस्पताल बना रहा है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस स्पेशल अस्पताल में हर चीज इमान अहमद के वजन को ध्यान में रखकर डिजाइन की जा रही है। 7 फीट चौड़े दरवाजे बनाए जा रहे हैं और बेड भी 7 फीट चौड़ा बनाया जा रहा है। बता दें कि डॉक्टर मुफजल लकड़वाला, एक कार्डियॉलजिस्ट, कार्डिएक सर्जन, चेस्ट फिजिशन सहित डॉक्टरों की एक टीम इमान का ऑपरेशन करेगी। उसके बाद भी टीम 24 घंटे देखभाल के लिए तैनात रहेगी।

3 हजार वर्ग फीट में बन रहा अस्पताल

बहरहाल जनवरी के आखिर तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। साइट मैनेजर हरदीप सिंह ने बताया कि 70 प्रतिशन निर्माण हो चुका है बाकी काम 10 दिनों में पूरा हो जाएगा। अस्पताल 3 हजार वर्ग फीट में फैला होगा। इसमें एक ऑपरेशन थिएटर, एक आईसीयू, डॉक्टर के लिए एक रूम, तीमारदार के लिए एक कमरा, दो रेस्टरूम और ग्राउंड फ्लोर पर एक विडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम बनाया जाएगा।

विदेश मंत्री से मांगी थी मदद


इमान अहमद 36 साल की हैं। बढ़ते वजन के कारण बीते 25 सालों से वह घर से बाहर तक नहीं निकली हैं। उन्होंने मुंबई के डॉक्टर लकड़वाला को ट्वीट कर अपना ऑपरेशन करने के लिए आग्रह किया था। डॉक्टर लकड़वाला ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद मांगी थी। इसके बाद विदेश मंत्री ने जल्द वीजा उपलब्ध कराकर उसकी मदद करने का भरोसा दिया था। इमान को मुंबई लाने के लिए फंड जुटाने को ऑनलाइन मुहीम चलाई थी। डॉक्टर लकड़वाला ने इमान अहमद के भारत आने की तारीख तो नहीं बताई लेकिन उन्होंने कहा कि उनके ऑपरेशन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इमान की सर्जरी के लिए पैसे नहीं लगेंगे। वह कम से कम छह महीने भारत में रहेंगी।

एलिफेंटाइसिस की शिकार

वह एलिफेंटाइसिस बीमारी की शिकार हैं। यह एक परजीवी संक्रमण है। इसमें पिंडलियों में काफी सूजन आ जाती है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि ग्लैंड्स (ग्रंथियों) में गड़बड़ी के चलते उसके शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाता है। इमान जब छोटी थी, तब वह अपने हाथों के सहारे इधर-उधर घूम-फिर लेती थी। लेकिन 11 साल की उम्र होते-होते वह अपने भारी वजन के कारण खड़ी नहीं हो पाती थी और घर में सिर्फ खिसक पाने में सक्षम रही। सेरेब्रल स्ट्रोक होने के बाद उसे प्राइमरी स्कूल छोडऩा पड़ा था। वह पूरी तरह से बिस्तर पर रहने लगी। उसके बाद से इमान बिल्कुल शिथिल और कुछ भी कर पाने में असमर्थ होकर सिर्फ अपने घर में ही पड़ी रहती है।





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