इस बार अमरनाथ यात्रा 45 से 60 दिनों के बदले केवल 14 दिनों की होगी। यात्रा में कटौती निर्णय जम्मू-कश्मीर के एलजी जीसी मुर्मू ने एक बैठक में ली थी। 2018 में अमरनाथ तीर्थयात्रा 60 दिनों के लिए आयोजित की गई थी।
नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले प्रथम पूजा शुक्रवार को जम्मू में होने की सूचना है। इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन यानि प्रतिमा पूजा का संचालन जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ, एसीईओ बिपुल पाठक द्वारा किया जाएगा। प्रतिमा पूजा को अमरनाथ गुफा वार्षिक तीर्थयात्रा शुरू करने का प्रतीक माना जाता है।
जानकारी के मुताबिक इस बार अमरनाथ यात्रा में कटौती की गई है। यह यात्रा 21 जुलाई को 14 दिनों की छोटी अवधि के लिए शुरू होगी और यह 3 अगस्त को समाप्त होगी। जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा अब छोटे बालटाल मार्ग से होगी।
इस यात्रा को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए गांदरबल के उपायुक्त इस पर काम शुरू कर चुके हैं।
जहां तक यात्रा की समय अवधि में कटौती का सवाल है तो इसका निर्णय पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर जीसी मुर्मू द्वारा आयोजित एक बैठक के दौरान लिया गया था। पहले से तय योजना के मुताबिक इस बार अमरनाथ यात्रा 23 जून को अनंतनाग जिले के पहलगाम और गंदरबल जिले के बालटाल से शुरू होनी थी और 3 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन समाप्त होनी थी।
पिछले साल जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म करने वाले केंद्र के आगे आतंकी खतरे की खुफिया सूचनाओं के बाद यात्रा में कटौती की गई थी। 2018 में, तीर्थयात्रा 60 दिनों के लिए आयोजित की गई थी। तीर्थयात्रा आम तौर पर लगभग डेढ़ महीने तक होती है और जुलाई और अगस्त के दौरान होती है। हिंदू धर्म में सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक अमनाथ यात्रा भारत के साथ-साथ दुनिया भर के तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है।