19 वर्षीय रेश्मा और 21 वर्षीय नवाज एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन उनके परिवार उनकी शादी के खिलाफ थे। जिसके बाद रेश्मा ने कीटनाशक पदार्थ पी लिया।
हैदराबाद। कहते हैं कि जोड़ियां आसमानों पर बनती हैं लेकिन एक जोड़ी अस्पताल में बनी है। दरअसल मुस्लिम समुदाय से संबंध रखने वाले एक जोड़े ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उनके घरवालों ने उनकी शादी अस्पताल में ही करवा दी।
खबरों के मुताबिक, 19 वर्षीय रेश्मा और 21 वर्षीय नवाज एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन उनके परिवार उनकी शादी के खिलाफ थे। जिसके बाद रेश्मा ने कीटनाशक पदार्थ पी लिया। रेश्मा को जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेश्मा के कीटनाशक की बात उसके प्रेमी नवाज को पता चली तो उसने भी कीटनाशक अपने गले से नीच उतार लिया। जिसके बाद दोनों का अस्पताल में इलाज चला। उनकी जान बच गई। इस घटना के तीन दिन बाद उनके परिवारवालों ने उनके प्यार की कद्र करते हुए अस्पातल में शादी करवा दी।
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डॉक्टर से बोतल छीनकर पी लिया कीटनाशक
तेलंगाना के विकारबाद जिले की यह घटना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो साल पहले रेश्मा को नवाज से प्यार हुआ। रेश्म की बड़ी बहन की शादी नवाज के भाई से हुई थी। दोनों के प्रेम प्रसंग के बारे उनके परिवारवालों को भी पता थी, मगर दोनों परिवारों के बीच मतभेद के कारण इस रिश्ते पर आपत्ति जताई गई। कहा जा रहा है कि रेश्मा की बहन का परिवारिक जीवन ठीक नहीं चल रहा था, जिससे उसके माता-पिता अपनी दूसरी बेटी की शादी उस घर में नहीं करना चाहते थे। परिजनों की आपत्ति से तंग आकर 8 जनवरी को रेश्मा ने पास के खेतों में जाकर कीटनाशक जहर पी लिया। स्थानीय लोगों ने रेश्मा को अस्पताल में भर्ती कराया। अपने प्यार की खुदकुशी की कोशिश की खबर सुनकर आनन-फनन में नवाज भी अस्पताल पहुंचा। इस दौरान डॉक्टरों ने पीड़िता को सही दवाई देने के लिए जहर की बोतल मांगी, परिवार ने डॉक्टर को जहर की बोतल जैसे ही दी नवाज ने जहर की बोतल छीन ली और कीटनाशक पी लिया और वह रेश्मा के बगल में ही लेट गया। नवाज की हालत गंभीर होती चली गई। डॉक्टर्स ने उसे उस्मानिया जनरल अस्पताल रेफर कर दिया। डॉ. बी. अविनाश ने बताया कि रेश्मा ने अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में बताया। जिसके बाद मैंने उनके परिवारवालों को सूचना दी और उनकी काउंसलिंग की। रेशमा और नवाज शादी की जिद करने लगे। उनकी हालत गंभीर होती जा रही थी। इस तरह का कदम वे फिर न उठाए उसके डर से परिवार ने उनकी शादी के लिए सहमति जताई दी। अस्पताल में ही दोनों का निकाह पढ़वाया गया।