
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के 93 वर्ष पुरे होने के अवसर पर संघ मुख्यालय नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया। मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें रखी और संघ से जुड़े तथ्यों को देश के सामने रखा। इस दौरान भागवत ने संघ के कायदे और वसूलों से भी देश की जनता को परिचय कराया। आइये जानते हैं कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधन की 10 बड़ी बातें...
1. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि समाज में अच्छे लोगों को तैयार करना संघ का काम है। संघ एक लोकतांत्रिक विचार वाला संगठन है।
2. उन्होंने कहा कि हम सबके के प्रति सदभाव रखते हैं। संघ जोड़ने वाल संगठन है।
3. उन्होंने कहा कि समाज में अनियंत्रित शक्ति खतरा पैदा करती है। लोगों को शक्ति के साथ सील होना चाहिए।
4. भागवत ने कहा कि संघ के पहले सर संघ सरचालक डॉ. हेडगेवार कांग्रेस के आन्दोलन के दौरान जेल भी गए। उन्होंने कहा कि कोई सरकार बहुत कुछ कर सकती है लेकिन सबकुछ नहीं कर सकती है।
5. भागवत ने कहा कि हमें समाज के सामान्य जनता को बराबरी पर लाना होगा। एक भारत वासी दूसरे के लिए पराया कैसे हो सकता है।
6. भागवत ने कहा कि विविधता में एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है और विविधता के बावजूद सब धरती पुत्र हैं।
7. उन्होंने कहा कि संघ और प्रणब मुखर्जी अलग-अलग हैं, लेकिन संघ सर्वसमाज के लिए है। संघ केवल हिन्दू समाज के लिए नहीं है।
8. भागवत ने कहा कि संघ के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी का आने पर विवाद बेवजह है। मिलजुलकर रहना हमारी संसकृति है।
9. उन्होंने कहा कि संघ समाज को संगठित करना चाहता है। प्रमुख व्यक्तियों को संघ के कार्यक्रम में बुलाना हमारी पुरानी परंपरा है।
10. भागवत ने कहा कि हम सब भारत माता के सुपुत्र हैं। कोई भी इससे अलग और अछूता नहीं है।