राजसमंद के देवगढ़ की भावना पालीवाल ने कपड़ा बैंक शुरू किया है।
जयपुर। आपकी एक कोशिश कई लोगों के जीवन को बदल सकती है। इसी बात को ध्यान में रखकर मैंने उस काम की शुरुआत की, जो अब मेरे लिए मिशन बन चुका है। यह कहना है राजसमंद के देवगढ़ की भावना पालीवाल का। उन्होंने कपड़ा बैंक शुरू किया है, जो कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए है। वे सम्पन्न परिवारों और व्यापारियों से कपड़े इकट्ठा करती हैं और उन्हें उन लोगों तक पहुंचाती हैं जो कपड़े खरीद नहीं सकते। पिछले वर्ष ही सर्दियों में उन्होंने कपड़ा बैंक की शुरुआत की थी। घर-घर जाकर लोगों से कपड़े इकट्ठे किए। भावना ने कपड़ा बैंक के लिए एक सिस्टम विकसित किया है, जिसमें वे मोबाइल वैन में कपड़े लेकर निकलती हैं। उन्होंने आमेट, देवगढ़, भीम, कुंभलगढ़ के कई क्षेत्रों में जाकर करीब दो हजार लोगों को कपड़े बांटे हैं।
छह हजार को किया प्रशिक्षित -
भावना बताती हैं कि उन्होंने छह हजार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया है। इसमें उन्हें सिलाई-कढ़ाई, पार्लर, आर्ट एंड क्राफ्ट, डांस और डिजिटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी गई है। डिजिटल सखी का भी महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है।
मजाक भी उड़ाया, ताने भी सुनाए -
भावना सेनेटरी पैड को लेकर जागरूकता लाने का काम भी कर रही हैं। वे कहती है΄ कि जब वे माहवारी से जुड़े मुद्दो΄ पर बात करने जाती थीं, तो उन्हें इसके लिए लोगों के ताने भी सुनने पड़े है΄। भावना का मजाक भी उड़ाया गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।