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Kerala: त्रिशूर Pooram उत्सव पर भी कोरोना का साया, श्रद्धालुओं की एंट्री पर लगाई गई रोक

Kerala के बड़े त्योहारों में से एक Pooram पर कोरोना का साया, सिर्फ आयोजन से जुड़े लोगों को मिली समारोह में शामिल होने की मंजूरी
2 min read
Apr 22, 2021
Thrishur Pooram Festival 2021
Thrishur Pooram Festival 2021

नई दिल्ली। त्रिशूर में 252 वें पूरम ( Pooram ) समारोह की शुरुआत हो गई है। 36 घंटे तक चलने वाला पूरम नैथलाकवु भगवती थेक्केगोपुरा नाडा के खुलने के साथ शुरू होगा। खास बात यह है कि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए केरल का ऐतिहासिक त्रिशूर पूरम उत्सव इस बार बिना लोगों की सहभागिता के मनाया जा रहा है।

केरल सरकार ने इस संबंध में दो दिन पहले ही फैसला लिया था। वहीं पूरम उत्सव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की कड़ी तैयारियां की है। 2000 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं।

त्रिशूर के जिलाधिकारी द्वारा मंगलवार को यहां बुलाई गई पूरम के दो बड़े आयोजकों- परमेक्कावू और तिरूवम्बाडी देवास्वम के अधिकारियों की बैठक में बिना दर्शकों के यह उत्सव मनाने पर सहमति बनी।

अधिकारियों ने कहा कि बैठक में इस साल पूरम त्योहार को बस अनुष्ठान तक सीमित रखने का फैसला किया गया। हालांकि समारोह के पास को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति थी। कोरोना के चलते देर रात तक सिर्फ तीन लोगों के पास दिए जाने ही बात सामने आई थी, हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि कोविड के चलते इस बार लोगों के समारोह में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

त्रिशूर के जिला प्रशासन ने कहा, ‘लोगों को आयोजन स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश केवल उन्हीं लोगों मिलेगी जो पूरम अनुष्ठान से जुड़े हैं। खास बात यह है कि समारोह में सिर्फ 50 लोगों के प्रवेश की अनुमति है। ये सभी पूरम अनुष्ठान से जुड़े लोग ही हैं।

आपको बता दें कि केरल में यह वार्षिक त्योहार मध्य त्रिशूर के वडाक्कुनाथम मंदिर में होता है। त्योहार में हिस्सा लेने वाले लोगों की संख्या के संदर्भ में केरल का सबसे बड़ा हिंदू त्योहार माना जाता है। हर वर्ष इसमें लगभग बीस लाख लोग हिस्सा लेते हैं। लेकिन इस बार कोरोना की मार इस त्योहार पर भी पड़ी है।

केरल में विपक्षी कांग्रेस और भाजपा और मंदिर समिति इस कार्यक्रम को रद्द करने का कड़ा विरोध किया है। पिछले साल राष्ट्रीय लॉकडाउन की वजह से इसे रद्द कर दिया गया था।

इस आयोजन का मुख्य दिन 23 अप्रैल है लेकिन इसके कुछ हिस्से बीते शनिवार से उस समय शुरू हो गए, जब शहर के दो मंदिरों ने ध्वजारोहण कार्यक्रम किया।

तब राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा का कहना था कि महामारी के बीच आयोजन रद्द नहीं किया जा सकता। इससे कई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

सावधानी के साथ इसके आयोजन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, जिसे लेकर देवास्वम समिति ने मंजूरी दी थी।

आपको बता दें कि केरल में लगातार कोरोना वायरस अपने पैर पसार रहा है। अब तक प्रदेश में करीब 13 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

Published on:
22 Apr 2021 10:02 am
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