
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और बिहार के बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे का गुस्सा एक बार फिर सांतवें आसमान पर पहुंच गया। अश्विनी चौबे ने भरी सभा में एक पुलिस वाले की जमकर फटकार लगाई। केंद्रीय मंत्री चौबे ने एक पुलिस वाले को जनता दरबार में बुलाकर वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली। चौेबे ने पुलिस वाले से कहा कि आपको किसने कहा था इन्हें गुंडा कहने के लिए और आपने इन्हें गुंडा वाला नोटिस क्यों भेजा। आरोप था कि पुलिसवाला शिकायतकर्ता को गुंडा एक्ट में फंसाने की धमकी दे रहा है।
पुलिस ने बुजुर्ग को लगाई थी डांट
दरअसल बताया जा रहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे को उनके क्षेत्र के एक बुजुर्ग ने मामूली विवाद को लेकर थाने में शिकायत की थी। लेकिन उल्टे पुलिस वाले बुजुर्ग पर बरस पड़े और गुंडा एक्ट के तहत फंसाने की चेतावनी दे डाली। पुलिस की शिकायत पीड़ित ने सांसद के जनता दरबार में रखी । जिसके बाद सांसद अश्विनी चौबे ने उस पुलिस वाले को बुलाकर वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली।
चौबे ने दी सफाई
विवाद बढ़ने पर अश्विनी चौबे ने सफाई दी । चौबे ने कहा कि भाजपा और अन्य दलों के कुछ कार्यकर्ता 2003 से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चल रहे हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से इन्हें गुंडा करार दिया जा रहा है। यह सही तरीका नहीं है। मैंने उन्हें सिर्फ समझाया है।
गिरिराज सिंह ने दी थी चेतावनी
गौरतलब है कि पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे थे । गिरिराज सिंह तेघड़ा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने पहुंचे। जहां लोगों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसको लेकर वहां के एसडीएम डॉक्टर निशांत एवं डीएसपी आशीष रंजन को जमकर फटकार लगाई थी।
दरअसल दौरे के दौरान लोगों ने उन्हें प्रशासन पर मदद नहीं करने का आरोप लगाया था। गिरिराज सिंह जब अधिकारी को समझा रहे थे तो एसडीएम निशांत गाड़ी में बैठकर उनकी बात सुन रहे थे। इसपर वह और नाराज हो गए। हालांकि उसके बाद एसडीएम साहब गाड़ी से बाहर निकले और उन्हें लोगों की मदद नहीं करने पर खरी खोटी सुनाई। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके खिलाफ शिकायत करने की चेतावनी दी थी।