
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अनलॉक के चौथे चरण के दिशा-निर्देश जारी किए जाने के तुरंत बाद प्रदेश सरकारों को सख्त निर्देश दिए। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है के बारे में सूचित करने को कहा। इतना ही नहीं भल्ला ने कंटेनमेंट जोन के बाहर के इलाकों के लिए सभी प्रदेशों से कहा है कि वह बिना केंद्र सरकार की अनुमति स्थानीय बंद (Lockdown) लागू नहीं कर सकते हैं।
एक सितंबर 2020 से लागू होने वाले अनलॉक 4 में विभिन्न गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। हालांकि कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर 2020 तक सख्ती से लॉकडाउन लागू रखा जाएगा।
गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक आगामी सात सितंबर से मेट्रो सेवाएं चरणबद्ध तरीके से खुल सकेंगी। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय व रेल मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ परामर्श के बाद मेट्रो रेल को क्रमबद्ध ढंग से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
गृह मंत्रालय ने इस बात को भी दोहराया है कि एक से दूसरे राज्य या एक ही राज्य के अंदर लोगों की आवाजाही पर ना तो कोई रोक होगी और ना किसी तरह की इजाजत की जरूरत होगी। दरअसल केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के बावजूद कुछ राज्यों ने अभी भी अपने यहां आवाजाही पर सशर्त पाबंदी लगाई हुई थी।
भल्ला ने मुख्य सचिवों से कहा कि आपसे आग्रह करूंगा कि अनलॉक 4 पर दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को उनके सख्त कार्यान्वयन के लिए निर्देशित करें।
इसके अलावा सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक और अन्य सभाओं के लिए आगामी 21 सितंबर 2020 से 100 व्यक्तियों को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इनमें अनिवार्य रूप से फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर का प्रावधान अनिवार्य होना चाहिए।
भल्ला ने आगे दोहराया कि राज्यों-केंद्रशासित प्रदेश केंद्र सरकार के प्रतिबंधों को कम नहीं कर सकते हैं और न ही वे एमएचए से अनुमति (ग्रीन सिग्नल) के बिना कंटेनमेंट के बाहर लोकल लॉकडाउन लागू कर सकते हैं।
वहीं, स्कूल-कॉलेजों को 30 सितंबर 2020 तक बंद रखने का फैसला किया गया है। इस दौरान ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई जारी रहेगी। भल्ला ने बताया कि 50 प्रतिशत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को ई-शिक्षण के लिए स्कूलों में बुलाया जा सकता है।