
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र एसोसिएशन को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती से संबंधित मामले में एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार के लिए राहत माना जा रहा है। शीर्ष अदालत ने यूपी शिक्षा मित्र एसोसिएशन की याचिका को खारिज करते हुए शिक्षा मित्रों को संबंधित परीक्षाओं में भाग लेने के लिए अंतिम मौका दिया है।
सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए कहा है कि कट ऑफ 60 से 65 ही रहेगा। इससे उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के रूप में योग्यता प्राप्त करने के लिए लगभग 38 हजार शिक्षा मित्रों को कट-ऑफ अंकों में छूट नहीं मिलेगी। इस शिक्षकों को पद पर बने रहने के लिए सर्वोच्च अदालत ने एक बार और परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है।
बता दें कि शिक्षक भर्ती मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 19 सितंबर को 31,661 पदों को एक हफ्ते के अंदर भरने का निर्देश दिया था। इन पदों पर यूपी सरकार के मौजूदा कट ऑफ 60 से 65 के आधार पर भर्ती करेगी। होगी। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान यूपी सरकार के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया इसमें कहा गया था कि नए कट ऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्र को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा।