
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus in india ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 13000 के करीब पहुंच गई है। जबकि 400 से ज्यादा मरीज इस घातक वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। यही वजह है कि पीएम मोदी ( pm modi ) ने देशभर में लॉकडाउन की अवधि 19 दिन बढ़कार 3 मई तक कर दी है।
लॉकडाउन ( Lockdown ) ने जहां लोगों को कोरोना के सामुदायिक फैलाव ( Community Transmition ) को रोकने में अहम भूमिका निभाई है वहीं कुछ परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं। लेकिन इंसान के जज्बे और मां की ममता के आगे हर मुश्किल आसान हो जाती है।
कुछ ऐसा ही मामला तिरुवनंतपुरम ( Tiruwanthpuram ) से सामने आया है। यहां एक मां अपने बेटे से मिलने के लिए 6 राज्यों और 2700 किमी का सफर कार से तय करके पहुंची।
कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में जब एक मां को पता चला कि उसका बेटा बीमार है तो उसे ना तो कोरोना का खौफ दिखा और ना ही लॉकडाउन में सरहदों की पाबंदी। बस फिर क्या था 50 वर्षीय शीलाम्मा 2700 किमी की दूरी और 6 राज्यों की सीमाओं को लांघ कर अपने बेटे को देखने पहुंच गई।
शीलाम्मा का बेटा राजस्थान में था, जहां पहुंचने के लिए उन्हें एक दो नहीं बल्कि 6 राज्यों का सफर तय करना था। वो भी कार से, लेकिन मां की ममता के आगे भला किसकी चली है।
शीलाम्मा ने केरल से अपनी यात्रा की शुरुआत की। वह तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात को पार कर तीन दिन में राजस्थान पहुंची। देश में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन है। इसके बावजूद बेटे से मिलने के लिए महिला जोधपुर पहुंच गई।
शीलाम्मा का बेटा बीएसएफ का जवान है। यात्रा के दौरान महिला के साथ उसकी बहू और एक अन्य रिश्तेदार थे। राजस्थान के जोधपुर पहुंच कर शीलाम्मा ने बताया कि उनके 29 वर्षीय बेटे अरुण कुमार की सेहत खराब थी, लेकिन अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।