1556 में चीन में आए इतिहास के सबसे खतरनाक भूकंप में करीब 8 लाख 30 हज़ार लोग मारे गए थे।
नई दिल्ली। इतिहास गवाह है कि इस धरती पर जब-जब ज़लज़ला आया है, तब-तब लोगों ने अपने कई चाहने वालों को खो दिया है। चाहे वो 1556 का भूकंप हो या 2015 का, हज़ारों-लाखों लोगों ने अपनी जानें गंवाई हैं। ये लोग तो मरे ही लेकिन अपने पीछे इन्होंने न जाने कितने और लोगों को यूं ही छोड़ दिया जो आज मारे-मारे इस दुनिया में भटक रहे हैं।
आपको शायद अंदाज़ा भी लगा सकते कि भूकंप ज़्यादा से ज़्यादा कितने लोगों को मौत के घाट उतार सकता है। अब जो आंकड़े हम आपको बताने जा रहे हैं वो आपको बुरी तरह से झकझोर सकता है। बता दें कि 1556 में चीन में आए इतिहास के सबसे खतरनाक भूकंप में करीब 8 लाख 30 हज़ार लोग मारे गए थे। इसके अलावा 2004 में आए हिंद महासागर में समुद्री भूकंप (सुनामी) ने करीब 2 लाख 80 हज़ार लोगों की जानें ली थी। हाल की ही बात करें तो 2015 में आए भूकंप ने नेपाल में जमकर तांडव मचाया था। इश भूकंप ने नेपाल के साथ-साथ भारत को भी अपनी चपेट में लिया था। इस विनाशकारी भूकंप में 9100 लोगों की मौत हुई थी।
लेकिन ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि आने वाला साल 2018 भी एक बार फिर से दुनिया में जमकर तांडव मचाएगा। कहा जा रहा है कि 2018 में भूकंप कई लोगों की जानें ले सकता है। भूकंप की हलचलों पर काम करने वाली जियोलौजिकल सोसाइटी ऑफ अमरिका ने इस पूरे मामले में चेतावनी जारी की है। जियोलौजिकल सोसाइटी के साइंटिस्टों ने कहा है कि पृथ्वी की हलचल में लगातार बदलाव आते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्पीड से पृथ्वी घूमती है, उसमें काफी चेंज आ रहे हैं। यही वजह है कि आने वाले साल 2018 में भूकंप आ सकते हैं। जियोलौजिकल सोसाइटी की रिसर्च में उन इलाकों का पता नहीं चल पाया है, जहां 2018 में भूकंप आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।