अमरीका ने डूमा शहर पर हुए रासायनिक हमले का बदला लेते हुए एयरस्ट्राइक की है। डूमा में हुए कैमिकल अटैक में 70 लोगों की मौत हो गई थी।
दमिश्क। कई दिनों से चले आ रहे संशय को आखिरकार अमरीका ने खत्म कर दिया है। अमरीका ने सीरिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सीरिया के दमिश्क में अमरीका ने एक बड़ी एयरस्ट्राइक की है और जानकारी के मुताबिक खबर लिखे जाने तक सीरिया में अमरीका की सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले जारी हैं। सीरिया पर अमरीका की इस कार्रवाई में फ्रांस और ब्रिटेन ने भी साथ दिया है।
सीरिया में अमरीका ने शुरू किए हवाई हमले
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, सीरिया में हमला करने की अमरीकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद दमिश्क के पास धमाके की आवाज सुनी गई हैं। अमरीकी आधिकारियों ने बताया कि सीरिया के खिलाफ इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों और जलपोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में कई तरह के बमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, रूस ने अमेरिका के मिसाइलों को मार गिराने की चेतावनी दी है।
जानकारी के मुताबिक, अमरीका के हमलों का सीरिया की तरफ से भी जवाब दिया गया है। सीरिया के काउंटर अटैक में अमरीका की 13 मिसाइलों को तबाह कर दिया गया है।
आखिर क्यों अमरीका और सीरिया में पैदा हो गई युद्ध की स्थिति
आपको बता दें कि अमरीका ने ये कार्रवाई सीरिया के डूमा में हुए रासायनिक हमले के बदले के तौर पर की है, जिसके बारे में अमरीका कई दिनों से बात करता आ रहा था। डूमा में हुए रासायनिक हमले के बाद से ही अमरीका और रूस के बीच शीतयुद्ध के हालात पैदा हो गए थे। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रासायनिक हमले का आरोप रूस, ईरान और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद पर लगाया था। ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति के समर्थन करने पर रूस और ईरान को भी चेतावनी दी थी।
क्या हुआ था डूमा में ?
बीते 7 अप्रैल को सीरिया के डूमा में जहरीली गैसे हमला किया गया था। इस हमले में 70 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 500 के करीब लोग इस हमले से प्रभावित हुए थे। जानकारी के मुताबिक, सीरिया-अमरीकी मेडिकल सोसाइटी ने बताया था कि पूर्वी गूटा क्षेत्र के डूमा में 500 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों पर लाया गया था।
सोसाइटी का कहना था कि इन लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ-साथ त्वचा का रंग नीला पड़ने और मुंह से झाग निकलने जैसी दिक्कतें पेश आ रही थीं।
ट्रंप ने दिखाए थे तीखे तेवर
डूमा पर हुए रासायनिक हमले के बाद से अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद आक्रमक रूख अपनाए हुए थे। उन्होंने कहा था कि डूमा में जो घटना हुई उसके लिए कौन ज़िम्मेदार है, इस पर अमरीका 'स्पष्टता' चाह रहा था। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कैमिकल अटैक में सीरियाई राष्ट्रपति असद का हाथ होने की आशंका पर बात करते हुए कहा था कि कुछ टाइम पहले मैंने संयुक्त राष्ट्र के सशस्त्र बलों को ये ऑर्डर दिया था बशर अल असद के रासायनिक हथियारों की क्षमता के मुताबिक हमलों का प्रक्षेपण करने का आदेश दिया था।