टिकटॉक के अमरीका में करीब 2.65 करोड़ मंथली यूजर्स ऐप का मालिकाना हक चीन की सोशल मीडिया कंपनी बाइटडांस टेक्नोलॉजी कंपनी के पास है
वाशिंगटन। आज के समय में लोगों के सबसे पसंदीदा मोबाइल ऐप में से एक टिक टॉक पर एक बार फिर तलवार लटक रही है। इस बार अमरीका में इसको लेकर परेशानी खड़ी हो रही है। दरअसल, अमरीकी सरकार ने इस कंपनी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा जांच कराने का निर्णय लिया है। आपको बता दें कि इस ऐप का मालिकाना हक चीन की सोशल मीडिया कंपनी बाइटडांस टेक्नोलॉजी कंपनी के पास है।
राजनीतिक संवेदनशीलता वाले कंटेंट को सेंसर करने समेत ये आरोप
एक मीडिया रिपोर्ट से इस बारे में जानकारी मिल रही है। रिपोर्ट में मामले से जुड़े दो लोगों के हवाले से कहा जा रहा था कि यह जांच राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा बाइटडांस के दो साल पहले 1 अरब डॉलर में यूएस सोशल मीडिया एप म्यूजिकल.एलवाई का अधिग्रहण करने से संबंधित मामले में शुरू की गई है। पिछले हफ्ते अमरीकी सेनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर और सीनेटर टॉम कॉटन ने चीनी कंपनी पर राजनीतिक संवेदनशीलता वाले कंटेंट को सेंसर करने और अपने यूजर्स का निजी डाटा स्टोर करने का आरोप लगाए था। इसके बाद यह जांच शुरू की गई है।
इंटेलीजेंस के डायरेक्टर को पत्र
शूमर और कॉटन ने नेशनल इंटेलीजेंस के डायरेक्टर जोसेफ मैक्गुएर को इस संबंध में पत्र लिखा था। इसमें सिर्फ अमरीका में ही 11 करोड़ से ज्यादा बार मोबाइल में डाउनलोड हो चुके टिकटॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा करार दिया है। यहां आपको बता दें कि टिकटॉक के अमरीका में करीब 2.65 करोड़ मंथली यूजर्स हैं। इनमें से 60 प्रतिशत यूजर्स की उम्र 16 से 24 वर्ष के बीच में है।
भारत में लगा दिया था बैन
गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले ही भारत में भी इस ऐप पर को लेकर कंट्रोवर्सी हुई थी। यहां तक की मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर इसे बैन भी कर दिया था। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट से इसे राहत मिली थी। टिकटॉक पर अपने आपत्तिजनक वीडियो और निजी डाटा स्टोर करने का आरोप था।