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ऑपरेशन प्रोस्पेरिटी गार्डियन: लाल सागर में हूती विद्रोहियों को मुंहतोड़ जवाब देगी 10 देशों की फोर्स

हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ दिन से लाल सागर से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसके चलते एक दर्जन से ज्यादा शिपिंग लाइनों को रोकना पड़ा है।
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Dec 19, 2023
ऑपरेशन प्रोस्पेरिटी गार्डियन: लाल सागर में हूती विद्रोहियों को मुंहतोड़ जवाब देगी 10 देशों की फोर्स
10 देश मिलकर लाल सागर में ‘ऑपरेशन प्रोस्पेरिटी गार्डियन’ को अंजाम देंगे।

न्यूयॉर्क. इजरायल-हमास युद्ध के बीच लाल सागर में बढ़ रहे हूती विद्रोहियों के हमलों को रोकने के लिए अमरीका ने अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की घोषणा की है। अमरीकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने बताया कि 10 देश मिलकर लाल सागर में ‘ऑपरेशन प्रोस्पेरिटी गार्डियन’ को अंजाम देंगे। हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ दिन से लाल सागर से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसके चलते एक दर्जन से ज्यादा शिपिंग लाइनों को रोकना पड़ा है। ऑस्टिन ने कहा, जो देश समुद्री व्यापार पारगमन के मूल सिद्धांत को बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें विद्रोही संगठन की ओर से पैदा की गई इस नई चुनौती को निपटने के लिए साथ आना चाहिए। इस बीच सोमवार को हुए ड्रोन हमले को लेकर हूती ने कहा है कि गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए उन्होंने नौसैनिक ड्रोन की मदद से नॉर्वे के स्वान अटलांटिक और एमएससी क्लारा पर हमला किया था। हूती के प्रवक्ता मोहम्मद अल बुखैती ने सोमवार को कहा कि उनका संगठन लाल सागर में अमरीका की अगुवाई में किसी भी संगठन का मुकाबला करने को तैयार है।

हूती ने किया अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन
ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्डियन को विशेष रूप से टास्क फोर्स 153 की देखरेख में चलाया जाएगा। यह लाल सागर, यमन के पास बाब-एल-मंडेब जलडंमरूमध्य और अदन की खाड़ी की निगरानी करता है। मीडिया से बातचीत में ऑस्टिन ने कहा, लाल सागर में जहाजों पर हमले कर हूती ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है। यह सिर्फ अमरीका का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है और इसका समाधान भी अंतरराष्ट्रीय तरीके से होना चाहिए।

ये देश गठबंधन में शामिल
अमरीका के साथ इंग्लैंड, स्पेन, बहरीन, कनाडा, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे और सेशेल्स गठबंधन में शामिल हो गए हैं। मिस्र और जॉर्डन भी इसमें शामिल हो सकते हैं, क्योंकि जहाजों को सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने में उनका अपना भी स्वार्थ है।

वैश्विक व्यापा का 12 फीसदी लाल सागर से
लाल सागर वैश्विक व्यापार की रीढ़ है। हूती विद्रोही यहां से अनाज और उपभोक्ता वस्तुओं से भरे जहाजों को निशाना बनाते हैं। विश्व का लगभग 12 फीसदी व्यापार इसी रास्ते से होता है।

कौन हैं हूती विद्रोही
यमन में 1990 के दशक में विद्रोही शिया मुस्लिमों ने हूती संगठन बनाया। हुसैन बदरुद्दीन अल हूती के नेतृत्व में संगठन ने तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह और यमन सरकार के खिलाफ जंग छेड़ दी। हालंाकि 2004 में यमन की सेना ने बदरुद्दीन को मार गिराया। इसके बाद दस वर्षों में यह संगठन इतना मजबूत हो गया कि इसने 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया और तब से वहां हूती विद्रोहियों का ही कब्जा

Updated on:
19 Dec 2023 11:29 pm
Published on:
19 Dec 2023 11:29 pm