सऊदी अरब, सोमालिया, मिस्र, फिलीपींस और ईरान में विवाहेतर संबंध बनाना गैरकानूनी है। अमरीका के 21 राज्यों में विवाहेतर संबंध अपराध माना गया है।
नई दिल्लीः भारत में विवाहेतर संबंध अब बेशक अपराध नहीं रहा लेकिन दुनिया के ऐसे कई देश हैं जहां पर व्यभिचार के खिलाफ कड़े कानून हैं। अब आपको बताते हैं कि किन-किन देशों में व्यभिचार यानी शादी के बाद गैर महिला-पुरुष का शारीरिक संबंध बनाना अपराध है और कहां पर इसे कानूनी मान्यता मिली हुई है। सबसे पहले बात करते हैं भारत के पड़ोसी देशों की। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में विवाहेतर संबंध बनाने को अपराध माना गया है। पाकिस्तान में इस अपराध को दो भागो में बांटा गया है। पहले मामले में पत्थर मारने या 100 कोड़े सार्वजनिक रूप से मारने की सजा का प्रावधान है। जबकि दूसरे मामले में दस साल तक की सजा हो सकती है। उधर, अफगानिस्तान में इस मामले में दोषी साबित होने पर 100 कोड़े मारने की सजा का प्रावधान है।
इन मुस्लिम देशों में है गैरकानूनी
सऊदी अरब, सोमालिया, मिस्र, फिलीपींस और ईरान में विवाहेतर संबंध बनाना गैरकानूनी है। ईरान में जहां इस मामले में फांसी तक की सजा का प्रावधान है वहीं मिस्र में महिलाओं को दो वर्ष की सजा मिल सकती है। जबकि इस मामले में दोषी साबित होने पर पुरुष को महज छह महीने तक की ही सजा हो सकती है। सऊदी अरब में दोषी को पत्थर से मारने की सजा है। अगर पत्थर से मारने के दौरान दोषी की व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसे अपराधी की श्रेणी में नहीं माना जाएगा। इसके अलावा ताइवान में विवाहेतर संबंध बनाने पर एक वर्ष की सजा मिल सकती है। अगर दोषी पुरुष सार्वजनिक माफी मांग लेता है तो उसे छोड़ दिया जाता है जबकि महिला को कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है। अमरीका के 21 राज्यों में विवाहेतर संबंध अपराध माना गया है जबकि कुछ राज्यों में इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। अमरीका के कुछ राज्यों में विवाहेतर संबंध गंभीर अपराध है। यहां फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
इन देशों में विवाहेतर संबंध नही है अपराध
चीन, जापान, तुर्की, दक्षिण कोरिया, यूरोप, लैटिन अमरीकी देश और ऑस्ट्रेलिया में विवाहेतर संबंध को अपराध नहीं माना गया है। इसके अलावा एशिया के कई अन्य देशों में भी व्यभिचार यानी शादी के बाद गैर महिला-पुरुष का शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं है।