विदेश मंत्री ने कहा कि 20 साल पुराने मामले में सलमान को सजा दिए जाने से पता चलता है कि भारत में मुसलमानों और ईसाइयों का महत्व नहीं है।
नई दिल्ली। काला हिरण मामले में बृहस्पतिवार को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को मिली सजा पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. दरअसल, सलमान खान के सजा पर टिप्पणी करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ कहा कि सलमान खान मुसलमान हैं, इसलिए उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई। आसिफ ने कहा कि अगर सलमान का संबंध सत्ताधारी पार्टी से होता तो उन्हें कम सजा सुनाई जाती।
वैसे भी पाकिस्तान अपने देश के आंतरिक मामलों में चाहे जैसा भी रुख अख्तियार करे। लेकिन भारत के आंतरिक मामलों में टांग अड़ाने की उसकी पुरानी आदत है। गुरुवार को भी काला हिरण मामले में सलमान खान को दोषी करार दिए जाने के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
भाजपा से संबंध होता तो सजा कम मिलती
पाकिस्तानी चैनल जियो को दिए एक इंटरव्यू के दौरान आसिफ ने कहा, 'सलमान खान को इसलिए सजा दी गई क्योंकि वह अल्पसंख्यक हैं।' विदेश मंत्री ने कहा कि 20 साल पुराने मामले में सलमान को सजा दिए जाने से पता चलता है कि भारत में मुसलमानों और ईसाइयों का महत्व नहीं है। उन्होंने आगे कहा, 'अगर वह सत्ताधारी पार्टी के धर्म से होते, तो उन्हें इतनी कड़ी सजा नहीं मिलती और कोर्ट उनके प्रति नरमी बरतता।
पहले भी भारत के मामले में दखल कर चुका है पाकिस्तान
बता दें कि यह कोई पहली मर्तबा नहीं है जब पाकिस्तान ने भारत के आंतरिक मामले में दखल अंदाजी की हो, इससे पहले भी पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद आफरीदी ने कश्मीर में एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट किया था। इस पर सचिन तेंदुलकर से लेकर सुरेश रैना , विराट कोहली , गौतम गंभीर तक ने शाहिद को करारा जवाब दिया था।
उल्लेखनीय है कि आज सलमान खान को बीस साल पुराने काले हिरण शिकार करने के मामले में 5 वर्ष की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अभिनेता सैफ अली खान , अभिनेत्री नीलम, सोनाली, तब्बु और दुष्यंत सिंह को बरी कर दिया गया है। 28 मार्च को इस मामले में सीजेएम देव कुमार खत्री की कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसके बाद जज ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। लंबी सुनवाई के बाद इस मामले में आज सलमान को सजा सुनाई गई है।