
सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) को दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले सोशल मीडिया में से एक माना जाता है। इसके साथ ही ट्विटर के प्रभाव को कम नहीं आंका जा सकता। ट्विटर के दुनियाभर में प्रभाव को देखते हुए ही एलन मस्क (Elon Musk) ने 27 अक्टूबर, 2022 के दिन ट्विटर को खरीद लिया था। एलन को ट्विटर का टेकओवर करने के लिए 44 बिलियन डॉलर्स की बड़ी राशि खर्च करनी पड़ी थी। ट्विटर को खरीदते ही एलन ने इस बात को साफ कर दिया था कि उनकी लीडरशिप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में कई बदलाव किए जाएंगे और ऐसा हो भी रहा है। हाल ही में ट्विटर पर एक नए और बड़े बदलाव की घोषणा कर दी गई है।
लेगेसी वेरिफाइड प्रोग्राम होगा बंद
ट्विटर पर इस बात की जानकारी दी गई है कि आने वाले 1 अप्रैल से ट्विटर पर लेगेसी वेरिफाइड प्रोग्राम (Legacy Verified Program) बंद किया जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत जारी किए गए लेगेसी वेरिफाइड ब्लू टिक/चेकमार्क को भी हटाया जाएगा। ऐसे में सभी लेगेसी वेरिफाइड ट्विटर यूज़र्स का ब्लू टिक 1 अप्रैल से हट जाएगा।
कैसे बचाया जा सकता है ब्लू टिक?
1 अप्रैल के बाद से ट्विटर पर ब्लू टिक रखने का एक ही तरीका बचेगा। वो तरीका है ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन (Twitter Blue Subscription)। ट्विटर ब्लू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस है। इससे यूज़र्स को ब्लू टिक तो मिलता है ही, साथ ही दूसरे कई फीचर्स भी मिलते हैं जो नॉर्मल ट्विटर यूज़र्स को नहीं मिलते।
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क्या है सब्सक्रिप्शन फीस?
ट्विटर ब्लू की सब्सक्रिप्शन फीस एंड्रॉयड और आईओएस ट्विटर ऐप पर 11 डॉलर प्रति महीना और ट्विटर वेब के लिए 8 डॉलर प्रति महीना है। भारत में एंड्रॉयड और आईओएस ट्विटर ऐप पर ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन के लिए 900 रुपये प्रति महीना और ट्विटर वेब पर 650 रुपये प्रति महीना चुकाने होंगे। ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन के वार्षिक पैक पर 12% डिस्काउंट मिलता है।
क्या है लेगेसी वेरिफाइड प्रोग्राम?
ट्विटर पर पब्लिक फिगर यानी कि ऐसे अकाउंट्स जिन्हें फॉलो करने में लोगों की दिलचस्पी होती है, उन्हें लेगेसी वेरिफाइड प्रोग्राम के तहत ब्लू टिक दिया जाता रहा है। इसके लिए अब तक कोई फीस नहीं चुकानी पड़ती थी। इस प्रोग्राम में समान्य तौर पर फेमस लोगों को ब्लू टिक दिया जाता रहा है जिससे उनके ऑथेंटिक होने की पहचान होती है।
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