मुरादाबाद के एडीएम फाइनेंस की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
मुरादाबाद. निकाय चुनाव की आहट के साथ ही स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में निर्वाचन कार्य से जुड़े तीन बीएलओ के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया गया है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। एडीएम फाइनेंस हिमांशु गौतम ने बताया की निर्वाचन कार्य में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। एसीएम की रिपोर्ट मिली थी कि कुछ बीएलओ ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, जिससे मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसलिए ऐसे तीन लोगों के खिलाफ केस किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी यदि कोई लापरवाही मिलती है तो उस पर सख्त कार्यवाही होगी।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र ने कोतवाली में जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, उनमें सयूद आसिफ, हुमा उस्मानी और सूचि शर्मा शामिल हैं। ये लोग पिछले कई बार से मतदाता सूची के सत्यापन कार्य में नहीं आ रहे थे और न ही इन लोगों ने कोई लिखित सूचना या छुट्टी ले रखी है। यही नहीं इन्होंने अभी तक निर्वाचन सामग्री भी रिसीव नहीं की है, जिस कारण इन्हें नोटिस जारी किया गया है। जिसका जवाब न देने पर इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। तीनों ही अलग-अलग विभाग से हैं।
यहां बता दें कि शासन स्तर से नगर निकाय चुनाव नवंबर में कराने को हरी झंडी दे दी है। जिसके तहत बुधवार को वार्डों के आरक्षण की सूची भी जारी कर दी गई है। अब महापौर व नगर पालिका व नगर पंचायत के चेयरमैन पर फैसला आना बाकी है। शासन से निर्देश मिलने के बाद अब मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है। वहीं अब इसका असर स्थानीय प्रशासन पर भी देखने को मिल रहा है। इसलिए अब मतदाता सूची को लेकर अधिकारी खासा गंभीर हैं, क्योंकि अक्सर विपक्षी दल वोट काटने का आरोप लगाते रहे हैं। इस तरह की शिकायत मतदान वाले दिन न हो इसके लिए मतदाता सूचियों के सत्यापन के बाद आपत्ति के साथ ही उनका प्रकाशन भी कराना है।