मुरादाबाद

ईद से पहले यह पूर्व भारतीय क्रिकेटर देगा मुरादाबाद को ईदी, कांग्रेस के टिकट पर लड़ सकता है लोकसभा चुनाव

पूर्व क्रिकेटर और पूर्व मुरादाबाद सांसद मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने,जो अपने बेटे के साथ अचानक मुरादाबाद ईदगाह में चार साल बाद ईद की नमाज अदा करने पहुंच रहे हैं।
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Updated: 15 Jun 2018, 4:39 PM IST
moradabad
ईद से पहले यह पूर्व भारतीय क्रिकेटर देगा मुरादाबाद को ईदी, कांग्रेस के टिकट पर लड़ सकता है लोकसभा चुनाव

मुरादाबाद:गुरूवार को चांद नजर नहीं आने से ईद का त्यौहार अब शनिवार को मनाया जाएगा। लेकिन मुरादाबाद में इस बार सियासी ईद कुछ ख़ास ही होने जा रही है। उसे बनाया है पूर्व क्रिकेटर और पूर्व मुरादाबाद सांसद मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने,जो अपने बेटे के साथ अचानक मुरादाबाद ईदगाह में चार साल बाद ईद की नमाज अदा करने पहुंच रहे हैं। यही नहीं नमाज के बाद वो स्थानीय कांग्रेसी नेताओं और शहर के संभ्रांत लोगों से मुलाकात भी करेंगे। ये जानकारी उनके करीबी और मीडिया प्रभारी रहे आज़म अंसारी ने मीडिया को दी। इस खबर को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। क्यूंकि 2009 में अज़हर यहां से रिकॉर्ड मतों से जीते थे और 25 साल से कांग्रेस से दूर रही इस सीट को उसकी झोली में डाला था।

मुरादाबाद से रह चुके हैं सांसद

यहां बता दें कि 2009 में क्रिकेटर मोहम्मद अज़हरुद्दीन लोकसभा का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे। ये उनकी पहली सियासी पारी थी। जिसमें उन्हें उनकी स्टार इमेज और मुस्लिम प्रत्याशी का फायदा मिला। लेकिन कांग्रेस इन्हें लगातार नहीं भुना सकी। विरोध के चलते अज़हर ने 2014 का चुनाव राजस्थान से लड़ा था वहां वे हार गए थे। इस बार अज़हर की अचानक ईद के बहाने सक्रियता से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वे लोकसभा में कांग्रेस से ताल ठोंक सकते हैं। अगर महागठबंधन होता है तब भी समीकरणों के हिसाब से ये सीट कांग्रेस की झोली में जा सकती है। अगर नहीं भी तो भी अज़हर किसी भी उम्मीदवार पर भारी पड़ेंगे।

इस नेता से हो सकता है कड़ा मुकाबला

अगर अज़हर लोकसभा चुनाव में उतरते हैं तो उनका सीधा मुकाबल भाजपा सांसद सर्वेश सिंह से ही होगा। 2009 में भी सर्वेश सिंह ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। सर्वेश सिंह भी 2014 में भारी अंतर से जीते थे।

ये समीकरण बैठ रहा फिट

अजहर के लिए ये सीट इसलिए भी मुफीद है क्यूंकि इस सीट पर मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में हैं और उनका झुकाव एक तरफ़ा होने से उन्हें फायदा मिल सकता है। लिहाजा ये माना जा रहा है कि अज़हर कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर माहौल टटोलने आ रहे हैं। क्यूंकि अकेले लड़ने के लिए भी सूबे में कांग्रेस को चेहरों की तलाश होगी। इसमें अज़हरुद्दीन जैसा चेहरा उसके लिए बेहतर होगा।

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15 Jun 2018, 4:39 PM IST
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