
मुरादाबाद में डंपर-कैंटर की आमने-सामने भिड़ंत | Image - X/@IANS
Road Accident Moradabad:उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कांठ रोड पर मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे के पास डंपर और कैंटर की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि खनन सामग्री लेकर जा रहे डंपर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद डंपर चालक विक्की केबिन के अंदर फंस गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसा कांठ रोड पर नौवीं वाहिनी के पास हुआ। खनन सामग्री से लदे डंपर की कैंटर से सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चालक विक्की के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी और चालक को बचाने के प्रयास शुरू किए।
हादसे की जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस के सीओ भास्कर मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त वाहन में चालक के फंसे होने के कारण उसे बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया, ताकि घायल चालक को जल्द से जल्द बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा सके।
घटना से जुड़े वीडियो में पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग रात के अंधेरे में डंपर के क्षतिग्रस्त केबिन के पास चालक को बाहर निकालने के लिए मशक्कत करते दिखाई देते हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सभी का ध्यान चालक को सुरक्षित बाहर निकालने पर था। पुलिस और राहगीरों के संयुक्त प्रयास से केबिन में फंसे विक्की को बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घायल चालक विक्की को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में चालक को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है। दुर्घटना के बाद उसे समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता रही।
डंपर और कैंटर की आमने-सामने की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है। सड़क निर्माण, एकतरफा यातायात व्यवस्था, संकेतकों की स्थिति और दोनों वाहनों की आवाजाही जैसे पहलुओं की जांच से घटना की वजह स्पष्ट हो सकती है।
हादसे के बाद पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने जिस तरह मिलकर चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया, वह मुश्किल समय में सहयोग और मानवीय संवेदना का उदाहरण है। दुर्घटना के समय घायलों को जल्द मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे प्रयासों के साथ सड़क सुरक्षा के नियमों और निर्माण स्थलों पर जरूरी इंतजामों का पालन भी उतना ही जरूरी है।
Updated on:
15 Oct 2026 10:57 am
Published on:
15 Oct 2026 10:57 am
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