स्कूल की बिल्डिंग को भगवा रंग में रंग दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यहां राष्ट्रिय ध्वज का भी रंग थोडा बदल दिया गया है।
मुरादाबाद: जनपद की बिलारी तहसील में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग को भगवा रंग में रंग दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यही नहीं यहां राष्ट्रिय ध्वज का भी रंग थोडा बदल दिया गया है। जिससे और भी नाराजगी लोगों की बढ़ गयी है। स्थानीय विधायक फहीम अहमद ने इस पर ऐतराज जताया कि स्कूल की इमारत को इस तरह नहीं रंगना चाहिए था। इसकी जांच होनी चाहिए। क्यूंकि स्कूल के रंगाई पुताई के मानक हैं अगर हर सरकार के आने पर अगर यही हुआ तो सही नहीं है। उधर इस मामले में शिक्षा अधिकारी जांच करने की बात कर रहे हैं।
इस स्कूल को रंगा गया भगवा
बिलारी तहसील के प्राथमिक विद्यालय साबरी अब्बल की बिल्डिंग और यहां आंगनबाड़ी केंद्र को पिछले दिनों गर्मियों की छुट्टियों में भगवा रंग में रंग दिया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जुल्फिकार हुसैन से जब इस बारे में बात की गयी तो उनकी जानकारी में लिए बिना ग्राम प्रधान ने जून की छुट्टियों में स्कूल में पुताई करवा दी। वहीँ राष्ट्रिय ध्वज के रंग परिवर्तन के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
विधायक ने जताई नाराजगी
बिलारी विधायक फहीम ने इस पर ऐतराज जताया और इस मसले को विधान सभा में उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। उन्होंने इसकी जांच करवाने की बात कही। विधायक ने कहा कि ऐसे तो अगर सरकार बदलेगी तो हर बार क्या स्कूलों का रंग बदलता रहेगा। ये गलत है।
अधिकारी बोले होगी जांच
उधर सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय रस्तोगी ने इसे गलत बताया और कहा कि बीएसए के आदेश पर इसकी जांच कराई जाएगी। क्यूंकि स्कूल के मानक है। सफ़ेद रंग की पुताई के साथ उस पर हरी या लाल पट्टी डाली जाती है।
पहले भी कई हो चुके भगवा
यहां बता दें कि इससे पहले भी जनपद और अलग अलग जनपदों में स्कूल व अन्य सरकारी इमारतों को भगवा रंग में पोत दिया गया। जिस पर अधिकारीयों की मानसिकता पर भी सवाल उठे। हाल ही में जिला कारागार मुरादाबाद के भगवा रंग को लेकर भी सवाल उठे थे। जिसे जेल अधिकारी बहाने से डाल गए।