
मुरादाबाद: सरकारी स्कूलों में बदहाल शिक्षा व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। यहां शिक्षकों और बच्चों से पढ़ाई के अलावा अन्य काम करवाया जाना आम बात है। कुछ ऐसी ही तस्वीर भगतपुर ब्लाक के एक स्कूल की सामने आई है। जिसमें प्राथमिक विद्यालयों की गर्मियों की छुट्टी से पहले बच्चों से पूरे स्कूल की छत साफ़ कराई जा रही है। वो भी जान हथेली पर रखकर,क्यूंकि छत पर जाने के लिए सीढ़ी की व्यवस्था नहीं है। जब इस बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य से बात की गयी तो उन्होंने इसे बेहद सामान्य बताया,जबकि शिक्षक खुद भी साथ में सफाई का दावा कर रहे हैं। उधर शिकायत के बाद अब बी.एस.ए. ने जांच कर कार्यवाही की बात कही है।
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इसलिए बच्चों से साफ़ करवाई छत
दरअसल दो दिनों बाद प्राथमिक विद्यालय बंद होने वाले है। जुलाई में बारिश की वजह से विद्यालय की छत टपकती है। इसलिए बच्चो को विद्यायल की छत पर चढ़ा कर बच्चो से छत की सफाई करायी गयी। मुरादाबाद के भगतपुर टांडा स्थित प्राथमिक विद्यालय डांडी दुर्जन में बच्चों से करीब दो घंटे तक झाड़ू लेकर छत की सफाई कराई गई। स्कूल में छत पर चढ़ने के लिए सीढ़ी नहीं है। फिर भी रिस्क लेकर बच्चो को रसोई घर के रास्ते से छत पर चढ़ाया गया। विद्यालय के शिक्षक सुभावन वर्मा ने कक्षा चार व पांच के बच्चों को बिना मुंडेर की छत पर चढ़ाकर झाड़ू से कूड़ा एकत्र करा कर उनको नीचे फिकवाया गया। गनीमत यह रही कि कूड़ा नीचे फेंकते समय इस बीच बच्चो के साथ कोई हादसा नही हुआ।
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हेडमास्टर ने नहीं ली सुध
विद्यालय में 151 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल सुबह सात से 11 बजे तक खुला। इस बीच हेडमास्टर मुहम्मद अकरम भी दो दिन बाद स्कूल बंद होने के कारण रजिस्ट्रर पूरा करने में लगे रहे। उन्होंने न तो शिक्षक को बच्चों से सफाई कराने के लिए रोका और न ही खुद छत पर जाकर देखा कि बच्चे किस हाल में सफाई कर रहे हैं। बात स्कूल की सफाई की नहीं है, बल्कि यहां बच्चों को बिना सीढ़ी के ही रसोई के रास्ते बिना मुंडेर की छत पर चढ़ाने का मामला है। ऐसे में बच्चों के साथ कोई भी हादसा हो सकता था। शिक्षक की इस करतूत को लेकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए है।
बी.एस.ए. बोले होगी कार्यवाही
बीएसए योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले को गम्भीरता से लिया गया है। कि बिना सीढ़ियों और बिना मुंडेर की छत पर बच्चों से सफाई करने का रिस्क क्यों लिया गया मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
स्कूल की टपकती है छत
इस पूरे मामले में प्रधानाध्यापक मुहम्मद अकरम ने सफाई दी कि दो दिन बाद स्कूलों में अवकाश होने वाला है। छत पर बहुत गंदगी थी, जिससे बारिश होने पर छत टपकने का अंदेशा था। इस कारण शिक्षक ने बच्चों को साथ लेकर सफाई कराई। मैं उस समय स्कूल का रजिस्ट्रर तैयार कर रहा था।
शिक्षक सुभावन वर्मा ने बताया कि बच्चों को रसोई घर से ऊपर चढ़ाया था ताकि अवकाश के दिनों में बारिश होने पर कूड़े के कारण छत न टपके और जुलाई में स्कूल खुले तो बच्चों को पढ़ने में दिक्कत न हो। मैंने खुद भी बच्चों के साथ सफाई कराई।
पिछले हादसे से नहीं लिया सबक
यहां बता दें कि छह महीने पहले भी इसी तरह प्राथमिक स्कूल हिरण खेड़ा में खेलते वक्त दीवार बच्चे के ऊपर गिर गई थी। प्रधानाध्यापक ने हादसे से भी सबक नही लिया और बिना मुंडेर की छत पर बच्चो से छत की सफाई करायी गयी।