नगर निकाय चुनाव के मतदान निपटने के बाद सभी पार्टियां और प्रत्याशी अपनी जीत हार के गुणा भाग में जुट गए हैं...
मुरादाबाद. नगर निकाय के तीसरे और अंतिम चुनाव को मतदान निपटने के बाद सभी पार्टियां और प्रत्याशी अपनी जीत हार के गुणा भाग में जुट गए हैं। यही नहीं हर कोई अपनी-अपनी जीत का फार्मूला भी बता रहा है, लेकिन अगर निकाय चुनाव के मत प्रतिशत और दूसरे बिन्दुओं और हर इलाके के वोटरों के रुझान को समझें तो मुरादाबाद महापौर सीट एक बार फिर भाजपा के पास जाती दिख रही है। वहीं स्थानीय सट्टा बाजार में भी भाजपा उम्मीदवार के रेट सबसे ज्यादा थे, जबकि सपा और कांग्रेस क्रमश दूसरे तीसरे नम्बर पर हैं। इसके आलावा सियासी जानकार भी हवा भाजपा के पक्ष में ही बता रहे हैं।
नगर निगम चुनाव में महापौर और पार्षद के लिए कुल मतदान 43.6 फीसदी रहा। जोकि बीते उपचुनाव 29 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। सुबह साढ़े सात बजे से शाम पांच बजे तक चले मतदान पर चरण बद्ध तरीके से नजर डालें तो हर चरण में भाजपा का वोटर मतदान केंद्र पर मौजूद था। अनुमान के मुताबिक भाजपा को महापौर सीट पर 32 से 35 फीसदी मत मिलने की सम्भावना है। जोकि सबसे ज्यादा है। भाजपा ने सबसे आखिर में निर्वतमान महापौर विनोद अग्रवाल को टिकट दिया था। जो अन्य दलों के मुकाबले काफी मजबूत दिखे।
वहीं इसके बाद सपा को वोट मिलने की उम्मीद है। उसे अगर मत प्रतिशत में बांटे तो उसके खाते में 27 से 30 फीसदी जाते दिख रहे हैं। यानि सीधी लड़ाई सपा और भाजपा की है। जिसमें भाजपा आगे है। इसके बाद कांग्रेस और बसपा उम्मीद के मुताबिक उतनी सफल नहीं हो पाई जितना उनके नेता कर रहे थे। कांग्रेस ने कुरैशी बिरादरी से रिजवान कुरैशी को उतारा था जबकि बसपा ने शहर में सैनी मतदाताओं की संख्या को देखते हुए लाखन सिंह सैनी को उतारा था।
आपको बता दें कि वोटों की गिनती एक दिसम्बर को सुबह आठ बजे से मंडी समिति में शुरू होगी और अंतिम परिणाम दोपहर तक आने की उम्मीद है। मुरादाबाद मंडी समिति में मुरादाबाद नगर निगम के अलावा अगवानपुर नगर पंचायत, पाकबड़ा नगर पंचायत और भोजपुर धर्मपुर नगर पंचायत के वोटों की गिनती होगी।
अन्य मीडियो रिपोर्ट के एग्जिट पोल की मानें तो उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की दावेदारी प्रबल दिख रही है। निकाय चुनाव में भाजपा के सामने बाकी सारी पार्टियां फीकी दिख रही है। वेस्ट में ज्यादातर भाजपा के जीतने की आसर दिख रहे हैं। वहीं वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर सहित तमाम जगहों पर भी बीजेपी का ही मेयर पद कर कब्जा रह सकता है। वहीं एक सर्वे की मानें तो प्रदेश की कोई भी पार्टी भाजपा के सामने नहीं टिक पाएगी।