शासन ने एक दर्जन कॉलेजों की मान्यता रोकी, जिले के सामान्य पाठ्यक्रम के हैं 80 कॉलेज, लीड कॉलेज ने किया भौतिक सत्यापन, नहीं दिखाई दी कोई कमियां
मुरैना. शासन के निर्देश पर जिले में सामान्य पाठ्यक्रम के संचालित करीब 79 कॉलेजों की मान्यता से पूर्व शासकीय कन्या लीड कॉलेज मुरैना के नेतृत्व में भौतिक सत्यापन करके रिपोर्ट सम्मिट करनी थी। लीड कॉलेज द्वारा गठित टीम ने फिलहाल 52 कॉलेजों की सूची जारी कर दी है, जिसमें से एक दर्जन से अधिक कॉलेजों की शासन ने मान्यता रोक दी है। हालांकि मुरैना से इन कॉलेजों की रिपोर्ट दुरस्त भेजी गई थी।
जिले के निजी कॉलेजो के भौतिक सत्यापन कराने के लिए डिप्टी कलेक्टर प्रतिज्ञा शर्मा व लीड कॉलेज प्राचार्य के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम में दो प्राध्यापकों को शामिल करना था लेकिन कलेक्ट्रेट के एक बाबू व ऑउटसोर्स बाबू को रखा गया। खबर है कि इनको डिप्टी कलेक्टर ने शामिल किया गया था। इस टीम द्वारा कॉलेजों का निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट तैयार करके उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2026-27 के लिए नवीन मान्यता और मान्यता निरंतरता के लिए एनओसी जारी की गई है। लीड कॉलेज ने 79 में से फिलहाल एक सूची 52 कॉलेजों की जारी की है, उसमें से करीब एक दर्जन से अधिक कॉलेजों की मान्यता फिलहाल शासन स्तर से रोक दी है। हालांकि लीड कॉलेज की टीम ने इन कॉलेजों की मान्यता निरंतरता के लिए रिपोर्ट सकारात्मक भेजी है लेकिन निरंतरता के अभाव से शासन स्तर से मान्यता फिलहाल रोक दी है। कॉलेजों के निरीक्षण के नाम पर वसूली की चर्चा भी सामने आ रही है।
इन बिंदुओं के तहत होना था निरीक्षण
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए प्रोफार्मा में कॉलेज के भवन का प्रकार लिखना होगा, जिसमें स्वयं, किराए का या लीज पर है, उसको अंकित करना होगा।
समिति के नाम पर कुल भूमि नगरी क्षेत्र में दो एकड़, ग्रामीण क्षेत्र में पांच एकड़ भूमि हो।
प्राचार्य कक्ष, व्याख्यान कक्ष, स्टॉफ रूम, कार्यालय कक्ष, पुस्तकालय, स्पोटर््स कक्ष, एनसीसी, एनएसएस कक्ष, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, प्रयोगशाला एवं कम्प्यूटर कक्ष, खेल मैदान, पार्किंग, छात्र- छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए रैंप है कि नहीं।
विश्वविद्यालय परिनियम 28/17 के तहत शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति हो।
कॉलेजों में पढऩे वाले छात्र- छात्राएं व प्राध्यापकों व स्टाफ की जानकारी।
जिले के 79 निजी कॉलेजों में दो दर्जन कॉलेज भवन तो ऐसे हैं जिनके पास कॉलेज के पास पर्टीकूलर भवन तक नहीं हैं। इनमें एक से अधिक संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें सामान्य पाठ्यक्रम के अलावा बीएड, डीएड, आईटीआई कॉलेज भी संचालित हैं। जिस संस्था का निरीक्षण होता है, उसका बोर्ड लगा दिया, अन्य का हटा दिया जाता है।
निरीक्षण टीम में कलेक्ट्रेट के एक बाबू को भी नियम विरुद्ध शामिल किया गया, उसको स्वयं का निजी कॉलेज संचालित है, उस कॉलेज के पास न तो पर्याप्त जगह है, न पुस्तकालय, प्रयोगशाला और न खेल मैदान हैं, कॉलेज के नाम पर मात्र तीन कक्ष हैं। कॉलेज में हर वक्त ताला पड़ा रहता है, कक्षाएं भी नहीं लगती फिर भी उक्त कॉलेज का मान्यता के लिए हरी झंडी दे दी गई और शासन ने मान्यता मिल भी गई।
महात्मा फुले एजूकेशन एकेडेमी धनेला, श्रीरामदेवी कॉलेज बानमोर गांव, महाराजा अनंगपाल कॉलेज कसमड़ा, श्री अर्जुन सिंह शिक्षा महाविद्यालय चौकवान का पुरा मुरैना, गौतमबुद्ध महाविद्यालय देवरी, सैनिक डिग्री कॉलेज देवरी, जावित्री देवी महाविद्यालय सांकरा जौरा, दानवीर महाविद्यालय बरेथा, एचएनएस कॉलेज पोरसा, सुभाष कॉलेज कैलारस, एमजीएम कॉलेज मुरैना, उमा डिग्री कॉलेज मुरैना की बीए अंग्रेजी, हिंदी, बीएससी कंम्यूटर की मान्यता अमान्य कर दी है। पीएसयू कॉलेज में एम कॉम कॉमर्स विषय अमान्य की है।
शासन ने जिन कॉलेजों की मान्यता रोक दी है, उन कॉलेजों के छात्रों के भविष्य पर संकट मडराता नजर आ रहा है। इन कॉलेजों के छात्र एक तो प्राइवेट हो जाएंगे और दूसरे विश्व विद्यालय से अन्य कॉलेज में परीक्षा देनी की अनुमति लेनी होगी, अगर अनुमति नहीं मिलती है तो उनकी साल भी बर्बाद हो सकती है।
उच्च शिक्षा विभाग से आए पत्र के पालन में जिले निजी कॉलेजों के भौतिक सत्यापन के लिए डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में टीम गठित हुई। निरीक्षण उपरांत शासन को सूची भेजी थी, 52 कॉलेजों की सूची जारी कर दी है, उनमें से एक दर्जन से अधिक कॉलेजों की मान्यता निरंतरा न होने के कारण इस साल रोक दी है। जिन बाबुओं को पहले समिति में शामिल किया था, उनको बाद में हटा दिया था।