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शनि मेले में उमड़ा आस्था का सैलाव, 5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्रद्धालुओं ने तेल चढ़ाकर किए शनिदेव के दर्शन, व्यवस्था में लगाए गए 660 पुलिस कर्मी एवं राजस्व सहित अन्य विभाग के 700 कर्मचारी

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shani temple morena

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मुरैना. शनिचरी अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को जिले के ग्राम ऐंती स्थित प्राचीन शनिधाम मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया गया। यहां शुक्रवार की रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं को पहुंचना शुरू हो गया। यहां मंदिर पर ऊं शं शनैश्चराय नम: से मंदिर परिसर गूंज उठा। प्रशासन का दावा है कि शाम पांच बजे 5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और देर रात तक दो लाख श्रद्धालुओं के और आने की संभावना हैं।


मेले में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं ने भगवान श्री शनिदेव के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं की गईं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ एवं पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने रात्रि 12 बजे शनिधाम मंदिर पहुंचकर विधिवत तेलाभिषेक किया, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोले गए। मेले की व्यवस्थाओं के लिए राजस्व, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग के लिए लगाया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न पॉइंट्स पर कूलर की व्यवस्था की गई, वहीं श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न स्थानों पर टैंकर खड़े किए गए। मेंले की व्यवस्था के लिए दो पालियों में लगभग 660 पुलिसकर्मियों तथा राजस्व विभाग के लगभग 700 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। मेले के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर, अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत सहित समस्त एसडीओपी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

मेला में तैनात रहे 7 सेक्टर मजिस्ट्रेट

मेले को 7 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारी, जिला अधिकारी एवं समाजसेवी मेला स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का संचालन करते रहे। स्काउट एवं गाइड दल द्वारा बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन कराने तथा सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान किया गया।

इधर.. धूप में लगे रहे लाइन में, उधर खुले में नहाने को मजबूर श्रद्धालु

शनि मेले को लेकर प्रशासन पिछले लंबे समय से 10 लाख श्रद्धालुओं के हिसाब से व्यवस्थाओं का दावा करता रहा लेकिन मेले की व्यवस्थाओं को देखकर पोल खुलती नजर आई। यहां शनि मंदिर के मुख्य गेट के बगल से श्रद्धालुओं की जहां लाइन लगी थी, वहां पंडाल कम पड़ गई। लाइन में श्रद्धालुओं को धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कुछ श्रद्धालु अपने साथ छाता लेकर आए, उससे धूप से बचाव करते नजर आए। वहीं प्रशासन दावा कर रहा है कि महिला व पुरुषों के लिए अलग अलग स्नागार बनाए गए जबकि महिला व पुुरुषों को खुले में नहाना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी तो महिलाओं को हुई जब उनको निजी व्यवस्थाएं करके कपड़े बदलने पड़े।

ये व्यवस्थाएं भी कीं

प्रशासन द्वारा स्थापित नाई ज़ोन में लगभग 300 नाइयों की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हुई। वहीं संभावित अग्निकांडों की रोकथाम के लिए विभिन्न स्थानों पर फायर ब्रिगेड की तैनाती सुनिश्चित की गई। मेले में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर प्रसादी भण्डारों का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं, पुलिस बल एवं मेला व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने प्रसादी ग्रहण की। वहीं अस्थायी तौर पर चिकित्सा दल तैनात रहा।

वृद्ध महिला को गिरने से पहले आरक्षक ने थामा

शनि मेले में अपनी ड्यूटी व कर्तव्य के साथ मानवता की मिसाल भी दिखाई दी। शनि मंदिर मुख्य गेट के बगल से महिला व पुरुष दर्शनों के लिए लाइन में लगे थे, तभी एक वृद्ध महिला को गर्मी के चलते अचानक चक्कर आ गए और वह जमीन पर गिरती, उससे पहले वहां मौजूद पुलिस आरक्षक ने उसको थाम लिया अर्थात जमीन पर गिरने से उसको हाथों में ही उठा लिया। पुलिस जवान के इस कार्य की श्रद्धालुओं के बीच काफी तारीख सुनी गई।